ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत का गम कई देश मना रहे हैं. भारत में सबसे ज्यादा जम्मू कश्मीर के लोग उनके जाने से दुखी हैं. घाटी में कई लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन भी किया. एक ओर जहां कश्मीरी लोग खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे हैं तो वहीं उनके कई नेता दिल्ली में ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक व्यक्त कर रहे हैं. बीते कुछ दिनों में जिस तरह से कश्मीर के दिग्गज नेता दूतावास पहुंचे हैं उसके बाद ये कहा जाने लगा है कि वो कश्मीरी सियासत का केंद्र बन गया है.
पिछले कुछ दिनों में कश्मीर और लद्दाख के कई बड़े नेताओं ने ईरानी मिशन से मुलाकात की. उन्होंने शोक पुस्तिका पर साइन किए. इन नेताओं ने खामेनेई को श्रद्धांजलि देने और अपने-अपने इलाकों के लोगों की तरफ से सहानुभूति जताने के लिए डिप्लोमैट्स के साथ मीटिंग भी की. ये दौरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में ईरान को लेकर इमोशनल और पॉलिटिकल असर को दिखाते हैं.



