नवंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। 1 नवंबर 2026 से मोबाइल पर अनजान कॉल की पहचान करने, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और पेंशन से जुड़े नए बदलाव लागू हो रहे हैं। वहीं, दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वाहन चालकों, दफ्तरों और निर्माण गतिविधियों को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। इन बदलावों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, बैंक ग्राहकों, पेंशनर्स और वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। कहीं बैंक ट्रांजैक्शन फेल होने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा, तो कहीं वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना पेट्रोल-डीजल भरवाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में महीने की शुरुआत में इन नियमों को समझना जरूरी है, ताकि अनजाने में आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
अनजान नंबर से कॉल करने वाले का नाम दिखेगा, बैंक ग्राहकों पर भी बढ़ेगा बोझ
नवंबर से मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अहम बदलाव Calling Name Presentation (CNAP) सर्विस के रूप में सामने आ रहा है। इसके तहत अनजान नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर यह सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि इसके लिए Truecaller जैसे किसी थर्ड पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी। कॉल करने वाले का नाम टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के आधार पर दिखाया जाएगा। हालांकि, 2G और 3G नेटवर्क पर इस सुविधा की शुरुआत अलग से तय होगी।
इससे फर्जी और अनजान कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है। लेकिन केवल नाम दिखाई देने के आधार पर किसी कॉल को सुरक्षित मानना सही नहीं होगा।
बैंक ग्राहकों के लिए भी नवंबर की शुरुआत कुछ महंगी हो सकती है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को अब रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के प्रत्येक अनुरोध पर 99 रुपये देने होंगे।
इसके अलावा, एक बिलिंग साइकिल में क्रेडिट कार्ड से 50,000 रुपये से अधिक का बिजली, पानी या गैस बिल चुकाने पर 1 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इस पर लागू टैक्स भी देना होगा। प्रति ट्रांजैक्शन इस शुल्क की अधिकतम सीमा 2,000 रुपये रखी गई है। नकदी निकालने, देर से भुगतान करने और चेक या ऑटो-डेबिट फेल होने पर भी संशोधित शुल्क लागू होंगे।
IndusInd बैंक के कुछ सेविंग्स अकाउंट ग्राहकों को भी सावधान रहना होगा। खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण ATM से निकासी या POS मशीन पर भुगतान फेल होने पर 25 रुपये का चार्ज लग सकता है। यह बदलाव Indus Delite, Indus Digi-start, Indus Online-Min Bal Required और Indie के कुछ अकाउंट वेरिएंट पर लागू होगा। इसके अलावा, वित्तीय कारणों के अलावा किसी दूसरी वजह से चेक बाउंस होने पर 50 रुपये प्रति चेक का शुल्क लगेगा।
पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जरूरी, नहीं तो अटक सकती है पेंशन
सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों के लिए नवंबर का महीना महत्वपूर्ण है। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स को 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच अपना सालाना जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होगा।
80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है। पेंशन का भुगतान नियमित जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, अब इसके लिए हर बार बैंक जाने की जरूरत नहीं है। पेंशनर्स Jeevan Pramaan ऐप के जरिए स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं। इसके अलावा बैंक शाखा और उपलब्ध डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा के जरिए भी प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है।
इसलिए जिन लोगों के परिवार में बुजुर्ग पेंशनर हैं, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करा लेनी चाहिए।
दिल्ली-NCR में गाड़ियों पर सख्ती, PUCC नहीं होने पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू किया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर वाहन चालकों पर पड़ सकता है।
नियमों के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। एंबुलेंस, दमकल और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी निर्धारित छूट मिलेगी।
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को अपनी गाड़ी का उत्सर्जन मानक जरूर जांच लेना चाहिए।
इसके साथ ही दिल्ली में ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ व्यवस्था भी लागू होगी। यानी जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें ANPR कैमरे से लैस निर्धारित पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है।
PUCC प्रमाणपत्र यह बताता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं निर्धारित प्रदूषण मानकों के भीतर है या नहीं। इसलिए वाहन मालिकों के लिए समय रहते इसकी वैधता जांचना जरूरी होगा।
पार्किंग शुल्क दोगुना, दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए पार्किंग और ऑफिस व्यवस्था में भी बदलाव किए जा रहे हैं।
1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो के पार्किंग स्थलों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा, सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू होगी। यह नियम 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा।
सरकारी दफ्तरों के समय में भी अंतर रखा गया है। MCD के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे। अलग-अलग समय पर कार्यालय खुलने और बंद होने से सड़कों पर एक साथ वाहनों की भीड़ कम करने की कोशिश की जाएगी।
निर्माण कार्यों पर रोक, राशन और LPG को लेकर क्या है अपडेट?
दिल्ली-NCR में धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। कुछ जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को निर्धारित नियमों के तहत छूट मिल सकती है।
इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर और सख्ती लागू होगी। निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम जैसे प्रदूषण नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल भी करना होगा। इसका असर निर्माण कंपनियों, ठेकेदारों और इस क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ सकता है।
वहीं, राशन कार्ड और LPG सिलेंडर को लेकर भी नवंबर से बदलाव की चर्चाएं हैं। लेकिन राशन कार्ड की e-KYC बंद होने या सभी लोगों का मुफ्त राशन रोकने से जुड़ा कोई नया देशव्यापी नियम पुख्ता तौर पर सामने नहीं आया है।
LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा तेल कंपनियां हर महीने करती हैं। ऐसे में नवंबर की नई कीमतों को लेकर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत में हुए ये बदलाव मोबाइल, बैंकिंग, पेंशन और वाहन इस्तेमाल से जुड़े हैं। खासकर बैंक ग्राहकों और दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को नए नियमों पर ध्यान देना होगा, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी अतिरिक्त खर्च या परेशानी की वजह बन सकती है।




