भारत-चीन के मध्य 16वें दौर की वार्ता प्रारंभ , जवानों को हटाने के लिए जोर देगा भारत

भारत-चीन के मध्य 16वें दौर की वार्ता प्रारंभ , जवानों  को हटाने के लिए जोर देगा भारत

लद्दाख बॉर्डर पर तनाव के विषय पर रविवार यानी आज भारत-चीन के मध्य कमांडर स्तर की 16वें दौर की वार्ता प्रारंभ हो गई है। संभावना है कि भारत डेपसांग और डेमचोक में विषयों के हल के अतिरिक्त शेष सभी फ्रिक्शन पॉइंट्स पर शीघ्र अतिशीघ सैनिकों को हटाने के लिए दबाव बना सकता है। भारत इस बात पर बल देते हुए पूर्वी लद्दाख में सभी फ्रिक्शन पॉइंट्स से जवानों को जल्द से जल्द हटाने के लिए जोर दे रहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति के लिए सीमा पर शांति जरूरी शर्त है। 

चीन के राष्ट्रपति ने शिनजियांग का किया  दौरा  

इससे एक दिन पूर्व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शिनजियांग का दौरा किया और अपने जवानों से मिले। यह महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पीपुल्स लिबरेशन एमी (PLA) की शिनजियांग सैन्य कमान मई 2020 से दोनों पक्षों के मध्य सैन्य गतिरोध के बीच लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन बार्डर की देखरेख कर रही है। शिनजियांग में चीनी सुरक्षाबलों के साथ उनकी बैठक भारत और चीन के मध्य रविवार  यानी आज  होने वाली 16वें दौर की सैन्य बैठक  से पूर्व  हुई है। 

बीते सफ्ताह विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के मध्य बाली में हुई बातचीत में पूर्वी लद्दाख से जुड़े झगड़े का मुद्दा भी उठा था। G-20 देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन से इतर बाली में लगभग 60 मिनट की बैठक में जयशंकर ने यी को पूर्वी लद्दाख में सभी लंबित विषयों के जल्द समाधान की आवश्यकता बताई थी।