भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटा दिया है. सुप्रीम Court ने इस केस में स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई का संकेत दिया है. यह वही मामला है जिसने पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक बड़ी बहस छेड़ दी है. ट्विशा के परिवार लगातार जांच पर सवाल उठा रहे हैं और अब सुप्रीम कोर्ट की एंट्री के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर सकती है. बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि कोर्ट इस दौरान पुलिस जांच, अब तक हुई कार्रवाई और पूरे केस से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर जवाब मांग सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लिया स्वतः संज्ञान?
मामले में कई ऐसे आरोप सामने आए हैं जिन्होंने जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा की “अप्राकृतिक मौत”, पुलिस कार्रवाई में कथित अनियमितताओं और निचली अदालत की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है.
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सिर्फ एक सामान्य मामला नहीं है. परिवार ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जांच को प्रभावित करने और तथ्यों को मोड़ने की कोशिश की गई.
इस मामले में दोबारा पोस्टमार्टम और CBI जांच की मांग भी चर्चा में है. अगर कोर्ट इस दिशा में कोई आदेश देता है, तो कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं.
पति वकील, सास रिटायर्ड जज… परिवार ने उठाए कई सवाल
ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और पहले मध्य प्रदेश सरकार के लीगल एडवाइजर भी रह चुके हैं. वहीं उनकी मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं. यही वजह है कि परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है.
ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने दावा किया कि शुरुआती सुनवाई के दौरान लगातार कोर्ट बदलने जैसी स्थिति बनी रही. इसी बीच समर्थ सिंह की मां को अग्रिम जमानत मिल गई. परिवार का कहना है कि उस दौरान अदालत परिसर का माहौल भी असामान्य था और उन्हें खुद को असहज महसूस हुआ.
उन्होंने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए. परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपी की तलाश का दावा करती रही, लेकिन इसी दौरान समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट पहुंच गए. परिवार के मुताबिक यह पूरा घटनाक्रम कई संदेह पैदा करता है.
डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी कहानी, शादी के कुछ महीनों बाद मौत
33 साल की ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं. वह MBA ग्रेजुएट थीं और मॉडलिंग, योगा और एक्टिंग की दुनिया से जुड़ी हुई थीं. वह ‘मिस पुणे’ प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले चुकी थीं.
परिवार के मुताबिक ट्विशा की मुलाकात समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. बाद में दोनों करीब आए और दिसंबर 2025 में शादी कर ली. शादी के बाद ट्विशा भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में रहने लगीं.
लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद 12 मई को उनका शव घर में फंदे से लटका मिला. परिवार ने दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं.
अब सोमवार की सुनवाई पर टिकी सबकी नजर
इस केस को लेकर देशभर में चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है. सोशल मीडिया पर भी लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना बेहद अहम माना जा रहा है.
कानूनी जानकारों का मानना है कि सोमवार की सुनवाई में कोर्ट जांच एजेंसियों की भूमिका, पुलिस कार्रवाई और अब तक के सबूतों को लेकर कड़े सवाल पूछ सकता है. अगर कोर्ट ने CBI जांच या विशेष निगरानी का आदेश दिया, तो मामले की दिशा पूरी तरह बदल सकती है.
फिलहाल ट्विशा शर्मा केस सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर भरोसे की परीक्षा बनता जा रहा है.


