आज 30 मई को CUET UG 2026 की परीक्षा के दौरान एक अप्रत्याशित तकनीकी गड़बड़ी ने पूरे देश के हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशान कर दिया। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही तैयारी कर चुके युवा जब अंदर जाने वाले थे, तभी अचानक सिस्टम में समस्या आ गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह गड़बड़ी उसके परीक्षा पार्टनर TCS की तरफ से आई है। हालांकि, समस्या को जल्द ही सुलझा लिया गया और छात्रों को कोई नुकसान न हो, इसके लिए पूरा अतिरिक्त समय देने का फैसला किया गया।
यह घटना उन लाखों छात्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो साल भर की मेहनत के बाद इस परीक्षा के जरिए अपनी सपनों की यूनिवर्सिटी में दाखिला पाना चाहते हैं।
तकनीकी खराबी ने पहली शिफ्ट में मचाया हड़कंप
पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण इसमें दो घंटे से ज्यादा की देरी हुई। कई राज्यों के परीक्षा केंद्रों पर छात्र बाहर इंतजार करते रहे। अभिभावक चिंतित होकर सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे थे। गर्मी के मौसम में लंबा इंतजार छात्रों के लिए थकान भरा साबित हो रहा था।
NTA ने स्थिति को संभालते हुए साफ कहा कि सुबह की शिफ्ट में परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को पूरा निर्धारित समय दिया जाएगा। पेपर पूरा हल करने के बाद ही उन्हें बाहर निकलने की अनुमति होगी। इस फैसले से छात्रों के मन में थोड़ी राहत जरूर आई, लेकिन पहले से बने तनाव को पूरी तरह कम नहीं कर सका।
दोपहर की शिफ्ट में नया समय, 2:30 बजे से प्रवेश शुरू
दोपहर की शिफ्ट में परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए NTA ने नया शेड्यूल जारी किया है। अब इन छात्रों को 2:30 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और परीक्षा 3 बजे की जगह 4 बजे से शुरू होगी। एजेंसी का कहना है कि हर छात्र को पूरा समय मिले, यही उनकी प्राथमिकता है।
इस घटना से साफ है कि बड़े स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी व्यवस्था कितनी संवेदनशील होती है। TCS जैसे बड़े पार्टनर के साथ भी ऐसी समस्या आ जाना दर्शाता है कि बैकअप प्लानिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग कितनी जरूरी है।
जून में भी जारी रहेगी CUET UG परीक्षा, रिकॉर्ड संख्या में कैंडिडेट्स
बता दें कि इस साल CUET UG 2026 की परीक्षा 11 मई से शुरू हुई थी और मूल रूप से 31 मई तक चलनी थी। लेकिन 28 मई को बकरीद के मौके पर छुट्टी पड़ने के कारण कुछ परीक्षाएं आगे बढ़ा दी गईं। अब ये परीक्षाएं 31 मई, 6 जून और 7 जून को होंगी। कुल 15,68,866 छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहद बड़ी संख्या है।
ऐसी स्थिति में NTA का त्वरित जवाब और छात्रों के हित में अतिरिक्त समय देने का फैसला सराहनीय है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र अब उम्मीद कर रहे हैं कि बाकी बची परीक्षाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से पूरी होंगी।
यह पूरा मामला उन लाखों परिवारों की भावनाओं से जुड़ा है जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। NTA ने जो आश्वासन दिया है, उस पर अब अमल कितना प्रभावी होता है, यह अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।


