NEET पेपर लीक में आरोपी ने कोर्ट से मांगी किताबें, बोला – 21 जून को देनी है परीक्षा

NEET पेपर लीक में आरोपी ने कोर्ट से मांगी किताबें, बोला – 21 जून को देनी है परीक्षा

NEET UG 2025 पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला विकास सामने आया है। मंगलवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों में से एक यश यादव ने परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति मांगी है। यश ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा कि वह 21 जून को होने वाली NEET UG परीक्षा देना चाहता है और इसके लिए उसे किताबों की जरूरत है।

यह मामला उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो साल भर की मेहनत के बाद इस परीक्षा पर निर्भर हैं। पेपर लीक की वजह से पूरे देश में छात्रों का भरोसा टूटा है और अब आरोपी खुद परीक्षा देने की बात कर रहा है, जो कई सवाल खड़े करता है।

कोर्ट का फैसला: सभी आरोपियों की हिरासत 15 जून तक बढ़ी

आज कोर्ट में मंगिलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को पेश किया गया। इनकी पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो चुकी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी।

यश यादव का आवेदन कोर्ट में रखा गया जिसमें उसने किताबें रखने की अनुमति मांगी। इस बीच अन्य आरोपियों पर भी गंभीर आरोप बरकरार हैं। CBI की जांच के अनुसार ये लोग पेपर लीक की साजिश में शामिल थे।

जांच में नए खुलासे: दो और गिरफ्तारियां, डॉक्टर भी फंसा

NEET UG पेपर लीक की जांच में CBI लगातार नए तथ्य सामने ला रही है। महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में छापेमारी जारी है। कुछ दिन पहले ही दो नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इनमें लातूर का डॉक्टर शिरुरे शामिल है, जिन पर 3 छात्रों को केमिस्ट्री पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है। इन छात्रों में एक कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी था। जांच में पता चला कि पेपर आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे।

दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह पुणे के डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स का फैकल्टी है। उसके ऊपर मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के फिजिक्स पेपर लीक कराने का आरोप लगाया गया है। ये खुलासे दिखाते हैं कि साजिश कितनी गहरी और संगठित थी।

छात्रों का भविष्य दांव पर, CBI की जांच तेज

यह पूरा मामला उन लाखों ईमानदार छात्रों के लिए निराशाजनक है जो बिना किसी साधन के मेहनत कर रहे हैं। पेपर लीक की वजह से परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। यश यादव जैसे आरोपी का परीक्षा देने का दावा कई लोगों को परेशान कर रहा है।

CBI अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। कोर्ट ने हिरासत बढ़ाकर जांच एजेंसी को और समय दिया है। 15 जून तक स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।

इस बीच छात्रों और अभिभावकों में चिंता बनी हुई है कि आखिरकार न्याय कब मिलेगा और परीक्षा प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रहेगी।