मालवीय नगर अग्निकांड के बाद बड़ा फैसला, दिल्ली में नई B&B पॉलिसी 2026 लागू करने की तैयारी

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद बड़ा फैसला, दिल्ली में नई B&B पॉलिसी 2026 लागू करने की तैयारी

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) पॉलिसी वापस लेने का फैसला किया है। अब सरकार नई ‘दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी 2026’ लाने जा रही है। इस ड्राफ्ट नीति पर आम लोगों, पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों और संपत्ति मालिकों से सुझाव मांगे गए हैं। सरकार का कहना है कि नई नीति का मकसद दिल्ली में छोटे स्तर पर चल रहे होम-स्टे और B&B यूनिट्स को सुरक्षित, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है, ताकि भविष्य में मालवीय नगर जैसी घटना दोबारा न हो।

दिल्ली पर्यटन विभाग ने लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव भेजने की अपील की है। इसके लिए [email protected] ई-मेल आईडी जारी की गई है। डाक के जरिए भी सुझाव भेजे जा सकते हैं। विभाग ने साफ किया है कि अभी यह केवल ड्राफ्ट नीति है और अंतिम फैसला जनता की राय के बाद लिया जाएगा।

मालवीय नगर हादसे ने क्यों बदली सरकार की सोच

मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। जांच में पता चला कि जिस होटल में आग लगी, वहां अनुमति केवल छह कमरों की थी, लेकिन संचालन 20 से ज्यादा कमरों का हो रहा था। इसी लापरवाही ने कई लोगों की जान ले ली।

पुरानी स्कीम के तहत मकान मालिकों को सीमित कमरों और बेड की अनुमति दी जाती थी, लेकिन निगरानी कमजोर होने की वजह से कई जगह नियमों का उल्लंघन हो रहा था। अब सरकार नई पॉलिसी के जरिए इस पूरे सेक्टर को रेगुलेट करना चाहती है।

सरकार का मानना है कि दिल्ली में हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। लाल किला, कुतुब मीनार, हुमायूं का मकबरा, इंडिया गेट और जामा मस्जिद जैसे पर्यटन स्थलों की वजह से सस्ते और सुरक्षित ठहरने की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में छोटे B&B यूनिट्स को व्यवस्थित करना जरूरी हो गया है।

कौन चला सकेगा B&B, क्या होंगे नए नियम

नई नीति के मुताबिक केवल आवासीय संपत्ति का मालिक ही B&B यूनिट के लिए आवेदन कर सकेगा। संपत्ति का निर्माण बिल्डिंग नियमों और कानूनों के अनुसार होना जरूरी होगा। न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों की अनुमति दी जाएगी। वहीं कुल 16 बेड तक रखने की इजाजत होगी।

होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, लॉज, रिसॉर्ट, सर्विस्ड अपार्टमेंट और व्यावसायिक हॉस्पिटैलिटी इकाइयों को इस नीति के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा।

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने का दावा किया है। आवेदन ऑनलाइन होगा और फीस जमा होने के बाद सात कार्य दिवस के भीतर ‘डीम्ड अप्रूवल’ दिया जाएगा। हालांकि बाद में निरीक्षण किया जा सकेगा। आवेदन के लिए कानूनी दस्तावेज, पहचान पत्र, पुलिस सत्यापन और सेल्फ डिक्लेरेशन जरूरी होंगे।

सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर, फायर नियम मानना जरूरी

नई पॉलिसी में सुरक्षा को सबसे अहम हिस्सा बनाया गया है। B&B संचालकों को दिल्ली फायर सर्विस के नियमों का पालन करना होगा। साथ ही पुलिस वेरिफिकेशन, MCD नियम और बिल्डिंग बायलॉज का पालन भी अनिवार्य रहेगा।

हर B&B यूनिट में साफ-सफाई, 24 घंटे पानी-बिजली, उचित वेंटिलेशन, अटैच बाथरूम और जरूरी स्वच्छता मानकों का पालन करना होगा। संचालकों को डिजिटल या फिजिकल गेस्ट रजिस्टर रखना होगा। विदेशी मेहमानों के लिए C-Form भरना भी जरूरी होगा।

सरकार बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण कर सकेगी। अगर किसी यूनिट में कमी पाई जाती है तो तीन कार्य दिवस के भीतर नोटिस जारी होगा। सुधार के लिए सात दिन तक का समय दिया जाएगा। लगातार नियम तोड़ने पर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

Gold और Silver कैटेगरी में होगा रजिस्ट्रेशन

नई नीति के तहत B&B यूनिट्स को Gold और Silver कैटेगरी में बांटा जाएगा। दोनों के लिए अलग-अलग सुविधाएं और फीस तय की जाएंगी।

Gold Category में बेहतर फर्निशिंग, साफ लिनेन, CCTV, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था, बेहतर हाउसकीपिंग और 24 घंटे गर्म-ठंडे पानी जैसी सुविधाएं जरूरी होंगी।

सरकार का कहना है कि इस नीति से दिल्ली में सुरक्षित और किफायती पर्यटन सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। अब नजर इस बात पर है कि जनता और उद्योग से जुड़े लोग इस ड्राफ्ट नीति पर क्या सुझाव देते हैं और अंतिम नियम कितने सख्त बनाए जाते हैं।