CBSE का बड़ा फैसला: 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब पूरी तरह अपने पोर्टल पर

CBSE का बड़ा फैसला: 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब पूरी तरह अपने पोर्टल पर

सीबीएसई 12वीं के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। बोर्ड ने सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं को देखते हुए री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से Coempt Edu Teck के OnMark प्लेटफॉर्म को हटा दिया है। अब सारी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच सीबीएसई के अपने पोर्टल पर ही की जाएगी। यह बदलाव उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरा हो सकता है, जिन्होंने परिणामों के बाद मूल्यांकन में गड़बड़ियों की शिकायत की थी। अगले हफ्ते से यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

OnMark प्लेटफॉर्म हटाने के पीछे की वजह

इस साल सीबीएसई ने करीब एक करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए OnMark डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया था। परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने अंकों में गलतियों और तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें कीं। इन शिकायतों के बाद बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, री-इवैल्यूएशन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को बोर्ड अब अपने सीधे नियंत्रण में रखना चाहता है। इसलिए छात्रों और परीक्षा से जुड़े सारे डेटा को CBSE के अपने सुरक्षित सर्वरों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि पूरी तरह से नया सॉफ्टवेयर नहीं लाया गया है। OnMark का कोड सुरक्षा संबंधी सुधारों और जरूरी परीक्षण के बाद अब CBSE के इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलाया जा रहा है।

साइबर हमलों का खतरा और विशेषज्ञों की टीम

इस मामले में बोर्ड ने सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम तैनात की है। टीम में साइबर सुरक्षा, कंप्यूटर सिस्टम और परीक्षा प्रक्रिया के जानकार शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश पर इन संस्थानों को तकनीकी सहयोग के लिए शामिल किया गया।

इसी बीच सीबीएसई ने अपने पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए साइबर हमलों की शिकायत दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई है। बोर्ड के मुताबिक, पिछले दिनों पोर्टल पर कई समन्वित हमले हुए, जिनका मकसद सेवाओं को बाधित करना और अनधिकृत पहुंच हासिल करना था। हालांकि बोर्ड का दावा है कि सभी हमलों को समय रहते रोका गया और न तो कोई डेटा लीक हुआ, न ही सिस्टम से कोई समझौता।

आवेदन की आखिरी तारीख और आगे की प्रक्रिया

जिन छात्रों ने 20 से 25 मई के बीच अपनी स्कैन हुई उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियां मांगी थीं, वे 7 जून तक CBSE के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर प्रश्नवार आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 4 जून तक बोर्ड को कुल 70,433 आवेदन मिल चुके थे। इनमें 7,314 अंकों के सत्यापन के लिए और 63,119 री-इवैल्यूएशन के लिए थे।

यह फैसला छात्रों के भविष्य को लेकर बोर्ड की जवाबदेही को दर्शाता है। अब उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से पूरी होगी। लाखों छात्र जिनकी मार्कशीट में सुधार की उम्मीद है, उन्हें अब जल्द ही स्पष्ट नतीजे मिलने की संभावना है। CBSE की यह सतर्कता पूरे परीक्षा सिस्टम में विश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।