30 साल बाद बनारस को मिलेगी पहली हाईटेक गेटेड टाउनशिप, VDA ने जारी की ‘आनंद काशी’ की पहली झलक

30 साल बाद बनारस को मिलेगी पहली हाईटेक गेटेड टाउनशिप, VDA ने जारी की ‘आनंद काशी’ की पहली झलक

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी अब आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। करीब 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शहर को अपनी पहली अत्याधुनिक गेटेड टाउनशिप मिलने वाली है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने कल्लीपुर में विकसित की जा रही ‘आनंद काशी टाउनशिप’ की पहली आधिकारिक तस्वीर जारी कर दी है। 250 एकड़ में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट तकनीक और काशी की पारंपरिक वास्तुकला के अनूठे मेल के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 1110 करोड़ रुपये है और इसके लिए अब तक 550 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है।

काशी की पहचान और आधुनिक जीवनशैली का अनोखा संगम

‘आनंद काशी टाउनशिप’ को केवल एक आवासीय परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक और सांस्कृतिक शहर के मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना की डिजाइनिंग में वाराणसी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को विशेष महत्व दिया गया है।

टाउनशिप के भवनों और सार्वजनिक स्थानों में काशी की पारंपरिक स्थापत्य शैली की झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही आधुनिक शहरी नियोजन के मानकों को भी शामिल किया जाएगा। स्थानीय निर्माण सामग्री और पारंपरिक शिल्पकला का उपयोग इस परियोजना की खास पहचान बनने वाला है।

VDA का मानना है कि यह परियोजना शहर के रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा दे सकती है और उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है जो काशी में आधुनिक सुविधाओं के साथ रहना चाहते हैं।

चौड़ी सड़कें, हाई सिक्योरिटी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित खरे के अनुसार, यह शहर की पहली पूर्ण विकसित गेटेड टाउनशिप होगी, जहां सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परियोजना में 80 से 100 फीट चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे आवागमन आसान होगा। इसके अलावा आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और उच्च स्तरीय शहरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

गेटेड कम्युनिटी होने के कारण यहां रहने वालों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा। यही वजह है कि परियोजना को वाराणसी के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

स्मार्ट और ईको-फ्रेंडली सुविधाएं बनाएंगी इसे खास

‘आनंद काशी टाउनशिप’ को पर्यावरण के अनुकूल और तकनीक आधारित स्मार्ट टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित रूफटॉप सिस्टम, एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग और स्मार्ट मीटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा एयर क्वालिटी सेंसर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), दोहरी पाइपलाइन व्यवस्था, स्मार्ट कचरा प्रबंधन प्रणाली और इंटीग्रेटेड डिजिटल डैशबोर्ड भी परियोजना का हिस्सा होंगे। इन सुविधाओं का उद्देश्य ऊर्जा बचत, बेहतर संसाधन प्रबंधन और टिकाऊ शहरी जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

1110 करोड़ की परियोजना, जल्द शुरू हो सकती है बुकिंग

VDA के अनुसार, इस परियोजना के लिए कुल 250 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। पहले चरण में करीब 150 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य किया जाएगा। अब तक 135 एकड़ से अधिक भूमि सीधे रजिस्ट्री के माध्यम से अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि लगभग 15 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग मॉडल के जरिए प्राप्त हुई है।

परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों को अब तक 550 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (UPRERA) में पंजीकरण प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

प्राधिकरण को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्लॉटिंग और बुकिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी। ऐसे में काशी में आधुनिक, सुरक्षित और स्मार्ट जीवनशैली का सपना देखने वाले लोगों के लिए यह परियोजना बड़ी खबर साबित हो सकती है।