बरेली जल्द ही विज्ञान, अंतरिक्ष और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-8 में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक साइंस पार्क विकसित कर रहा है। इस परियोजना में स्पेस म्यूजियम, एक्वा पार्क और आधुनिक प्लानेटोरियम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। खास बात यह है कि यहां आने वाले लोगों को चंद्रयान और मंगलयान जैसे भारतीय अंतरिक्ष मिशनों के मॉडल देखने के साथ-साथ 3D तकनीक के जरिए ब्रह्मांड की रोमांचक दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब विज्ञान सीखने के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता नहीं
अब तक विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी उन्नत सुविधाओं का अनुभव लेने के लिए छात्रों और विज्ञान प्रेमियों को दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन साइंस पार्क बनने के बाद बरेली और आसपास के जिलों के लोगों को यह सुविधा अपने ही शहर में उपलब्ध होगी।
परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसे एक ऐसे शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बच्चे और युवा आधुनिक तकनीक के माध्यम से विज्ञान को आसानी से समझ सकें। बीडीए का मानना है कि यह पहल छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद करेगी।
स्पेस म्यूजियम में दिखेगी भारत की अंतरिक्ष यात्रा
साइंस पार्क के पहले चरण में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस म्यूजियम और एक्वा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्पेस म्यूजियम इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रमुख आकर्षण होगा। यहां भारत के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े मॉडल और प्रदर्शन लगाए जाएंगे। चंद्रयान, मंगलयान, उपग्रहों और रॉकेट तकनीक से जुड़ी जानकारियों को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा।
म्यूजियम में आने वाले छात्र और आगंतुक अंतरिक्ष अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं को इंटरैक्टिव तरीके से समझ सकेंगे। इससे विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।
एक्वा पार्क बनेगा परिवारों का नया आकर्षण
साइंस पार्क परिसर में बनने वाला एक्वा पार्क मनोरंजन का प्रमुख केंद्र होगा। यहां बच्चों और परिवारों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बीडीए को उम्मीद है कि यह पार्क स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। इससे शहर के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
3D तकनीक से ब्रह्मांड की सैर कराएगा तारामंडल
परियोजना का सबसे हाईटेक हिस्सा प्लानेटोरियम यानी तारामंडल होगा। इसके निर्माण के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
तारामंडल में 2D और 3D तकनीक की मदद से ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं और अंतरिक्ष की दुनिया को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। बड़े डिजिटल स्क्रीन और आधुनिक प्रोजेक्शन सिस्टम के जरिए दर्शकों को ऐसा अनुभव मिलेगा मानो वे स्वयं अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हों।
खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष विज्ञान को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। इससे बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बीडीए के अनुसार, यह साइंस पार्क केवल एक मनोरंजन स्थल नहीं होगा, बल्कि शिक्षा, विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परियोजना पूरी होने के बाद बरेली उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी विश्वस्तरीय सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।



