अगर आप यह मानते हैं कि रोज थोड़ा-सा शराब पीना सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होता, तो अमेरिका की एक नई सरकारी रिपोर्ट आपको चौंका सकती है। जर्नल ऑफ स्टडीज़ ऑन अल्कोहल एंड ड्रग्स में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया है कि प्रतिदिन शराब का सेवन, चाहे वह एक ड्रिंक ही क्यों न हो, असमय मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना दो ड्रिंक लेने वालों में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, इस अध्ययन को लेकर अमेरिका में बहस भी छिड़ गई है और शराब उद्योग से जुड़े संगठनों ने इसके निष्कर्षों पर सवाल उठाए हैं।
एक ड्रिंक को सुरक्षित मानने की धारणा पर उठे सवाल
शराब को लेकर लंबे समय से यह धारणा रही है कि सीमित मात्रा में सेवन अपेक्षाकृत सुरक्षित हो सकता है। लेकिन नई रिपोर्ट इस सोच को चुनौती देती नजर आती है।
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने उन लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया जो नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिदिन एक ड्रिंक लेने वाले लोगों में भी शराब से जुड़ी बीमारियों या दुर्घटनाओं के कारण असमय मृत्यु के मामले सामने आए।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि ऐसे लोगों में लगभग 1,000 में से 1 व्यक्ति की समय से पहले मौत शराब से जुड़े कारणों की वजह से हो सकती है।
दो पैग रोज पीने वालों में जोखिम और ज्यादा
रिपोर्ट में दूसरा विश्लेषण उन लोगों पर किया गया जो रोजाना दो ड्रिंक या दो पैग शराब का सेवन करते हैं।
अध्ययन के अनुसार, इस समूह में जोखिम और अधिक दिखाई दिया। शोधकर्ताओं का दावा है कि नियमित रूप से दो ड्रिंक लेने वालों में लगभग 25 में से 1 व्यक्ति की असमय मृत्यु शराब से जुड़े कारणों से हो सकती है।
हालांकि अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह आंकड़े सांख्यिकीय विश्लेषण पर आधारित हैं और इन्हें व्यापक स्वास्थ्य संदर्भ में समझने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट को सार्वजनिक करने को लेकर भी हुआ विवाद
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अध्ययन को सार्वजनिक करने में देरी को लेकर भी विवाद सामने आया है।
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अधिकारी रॉबर्ट एम. विन्सेंट का दावा है कि उन्होंने वैज्ञानिकों को शराब सेवन के प्रभावों पर शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया था। उनका कहना है कि अध्ययन के निष्कर्ष सामने आने के बाद उन्हें अपने पद से हटा दिया गया।
विन्सेंट का आरोप है कि उन्होंने सरकार को आहार संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव की सिफारिश की थी, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने इन दावों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
क्यों उठ रहे हैं अध्ययन पर सवाल?
अमेरिका की मौजूदा आहार संबंधी गाइडलाइन के तहत सीमित मात्रा में शराब सेवन की अनुमति दी जाती है। वहां एक स्टैंडर्ड ड्रिंक की स्पष्ट परिभाषा भी तय है।
इसी वजह से नई रिपोर्ट के निष्कर्षों पर कुछ विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि शराब से जुड़े शोधों में कई अन्य स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी कारकों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो एंशुट्ज मेडिकल कैंपस में महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख नेड कैलॉन्जे का कहना है कि शराब पर होने वाले अधिकांश अध्ययनों को लेकर हमेशा बहस होती रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए शराब पीना किसी भी रूप में आवश्यक नहीं है।
यह रिपोर्ट एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आई है कि सीमित मात्रा में शराब वास्तव में कितनी सुरक्षित है और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में इसके बारे में क्या संदेश दिया जाना चाहिए।



