आजम खान पर आयकर विभाग का बड़ा शिकंजा, 132 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन की जांच तेज

आजम खान पर आयकर विभाग का बड़ा शिकंजा, 132 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन की जांच तेज

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। आयकर विभाग ने ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनके आधार पर विभाग अब 132 करोड़ रुपये से अधिक के कथित वित्तीय हेरफेर का विस्तृत मूल्यांकन तैयार कर रहा है।

सबसे बड़ा सवाल उन रकमों को लेकर खड़ा हुआ है, जो ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा हुईं लेकिन जिनका पूरा विवरण टैक्स रिटर्न में दर्ज आय से मेल नहीं खाता। यही वजह है कि आयकर विभाग अब ट्रस्ट के हर वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल कर रहा है।

बैंक खातों और घोषित आय में करोड़ों का अंतर

आयकर विभाग के अनुसार, असेसमेंट वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच ट्रस्ट द्वारा घोषित आय और बैंक खातों में जमा रकम के बीच बड़ा अंतर पाया गया है।

जांच में सामने आया कि चार वर्षों के दौरान बैंक खातों में जमा राशि और टैक्स रिटर्न में दिखाई गई आय के बीच करीब 59.25 करोड़ रुपये का अंतर है।

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • 2020-21 में घोषित आय 12.83 करोड़ रुपये, जबकि बैंक जमा 27.39 करोड़ रुपये रही।
  • 2021-22 में घोषित आय 8.31 करोड़ रुपये, जबकि जमा राशि 25.04 करोड़ रुपये रही।
  • 2022-23 में घोषित आय 8.68 करोड़ रुपये और बैंक में 19.09 करोड़ रुपये जमा हुए।
  • 2023-24 में घोषित आय 8.71 करोड़ रुपये जबकि खातों में 26.25 करोड़ रुपये जमा हुए।

इन आंकड़ों ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है और अब इन रकमों के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।

जमीन, भवन और टेंडर फंड भी जांच के दायरे में

मामला केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं है। आयकर विभाग ट्रस्ट को आवंटित सरकारी जमीन और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहा है।

जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 20.44 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन ट्रस्ट को बेहद कम शुल्क पर लीज पर दिए जाने का मामला विभाग की निगरानी में है। आरोप है कि इससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

इसके अलावा ट्रस्ट की बैलेंस शीट में दर्ज भवन निर्माण और अन्य परिसंपत्तियों की कीमत करीब 46 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसकी भी समीक्षा की जा रही है।

टेंडर फंड को लेकर भी उठे सवाल

आयकर विभाग की जांच में ‘अशरा योजना’ के तहत जारी किए गए लगभग 6.14 करोड़ रुपये के टेंडर भी शामिल हैं। आरोप है कि सरकारी फंड के इस्तेमाल और उसके ट्रस्ट से जुड़े खातों तक पहुंचने की प्रक्रिया में कई सवाल खड़े हुए हैं।

विभाग इन सभी वित्तीय पहलुओं को जोड़कर पूरे मामले का अंतिम आकलन तैयार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद टैक्स देनदारी और संभावित पेनाल्टी को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

अदालत में भी जारी हैं कानूनी लड़ाइयां

इसी बीच, आजम खान को दो मामलों में मिली राहत भी कानूनी जांच के दायरे में आ गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दोषमुक्त किए जाने के फैसलों को उच्च अदालत में चुनौती दी गई है। संबंधित अपीलों पर अगली सुनवाई 1 जुलाई को निर्धारित की गई है।

फिलहाल आयकर विभाग की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासे सामने आ सकते हैं। विभाग का फोकस ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और फंडिंग के स्रोतों की पूरी तस्वीर सामने लाने पर है।