दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन पर बड़ा ऐलान: जेवर से लखनऊ सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट, दिल्ली से 2 घंटे 10 मिनट में सफर

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन पर बड़ा ऐलान: जेवर से लखनऊ सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट, दिल्ली से 2 घंटे 10 मिनट में सफर

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-वाराणसी प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना को उत्तर प्रदेश के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताते हुए बड़ा ऐलान किया है। ग्रेटर नोएडा के जेवर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा महज 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ का सफर 1 घंटा 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। उनका कहना है कि यह परियोजना प्रदेश की कनेक्टिविटी, उद्योग और निवेश को नई रफ्तार देगी।

रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जेवर तेजी से देश के बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में उभर रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना मिलकर इस क्षेत्र को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाएंगी। उनका दावा है कि विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं उत्तर प्रदेश को निवेश और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएंगी।

कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने यमुना सिटी के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की पहली इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अब जेवर में अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का निर्माण होगा, जिसकी मोटाई रोटी और पापड़ जितनी पतली होगी। वर्तमान में भारत इस उत्पाद का लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का आयात करता है। देश में ही पीसीबी बनने से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम में मौजूद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा। वहीं औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है और बड़ी संख्या में देश-विदेश की कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं।