उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले लखनऊ पुलिस लाइन के सिपाही सुशील कुमार शुक्ला को विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन और विभाग की छवि धूमिल करने के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की है।
मई 2026 में सुशील शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे। इन वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस विभाग के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर गार्ड कमांडरों तक रिश्वतखोरी और अवैध वसूली का नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने दावा किया था कि निचले स्तर के पुलिसकर्मियों से हर महीने लगभग दो हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है। साथ ही उन्होंने विभाग के कुछ अधिकारियों पर पुलिसकर्मियों के शोषण के भी आरोप लगाए थे।
वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले की विभागीय जांच शुरू की। जांच की जिम्मेदारी महिला अपराध शाखा के एसीपी को सौंपी गई। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत सुशील शुक्ला को निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच के दौरान उन्होंने एक और वीडियो जारी कर जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिन अधिकारियों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उन्हीं के अधीन जांच कराई जा रही है, इसलिए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक आयोग से कराने की मांग भी की थी।
विभागीय जांच पूरी होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सुशील कुमार शुक्ला को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, शुक्ला द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस विभाग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
इसी बीच हरदोई जिले में भी पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई की है। लकड़ी से लदी एक पिकअप को कथित रूप से अवैध तरीके से रोकने और चालक से अभद्र व्यवहार करने के आरोप में कोतवाली देहात थाने में तैनात उपनिरीक्षक अरविंद सिंह, आरक्षी रामकिशन और आरक्षी मोनू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मनमानी या अधिकारों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


