राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अयोध्या पुलिस को इस मामले के तीन आरोपियों—लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय—की एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मिल गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके बैंक खातों और कथित अवैध लेनदेन की जांच करेगी।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये और करुणेश पांडेय से 18.07 लाख रुपये बरामद किए गए थे। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की जानकारी मिलने के बाद अब इन पैसों के स्रोत और लेनदेन की जांच की जाएगी।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित चोरी की रकम बैंक खातों में जमा की गई हो सकती है या उससे अन्य संपत्तियां और सामान खरीदे गए हों। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड के आधार पर Proceeds of Crime यानी कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की पड़ताल करेगी।
वहीं, आरोपी करुणेश पांडेय के पिता ने दावा किया है कि उनकी बहू के बैंक खाते में करीब 18 लाख रुपये पहले से मौजूद थे। पुलिस रिमांड के दौरान इस रकम के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच करेगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान मामले में नई जानकारियां और संभावित बरामदगी हो सकती है।
इधर, प्रतापगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर सनातन धर्म पर सवाल उठाने वाले वक्फ भूमि से जुड़े मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का संचालन ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है और ट्रस्ट के कार्यों में किसी का हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कार्यों का प्रमाण आज अयोध्या में बनकर तैयार हुआ भव्य राम मंदिर है।
नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा।



