राम मंदिर दान चोरी केस: पूछताछ में बड़ा दावा, चढ़ावे की रकम बाहर ले जाने में टिन्नू और सुभाष की भूमिका की जांच

राम मंदिर दान चोरी केस: पूछताछ में बड़ा दावा, चढ़ावे की रकम बाहर ले जाने में टिन्नू और सुभाष की भूमिका की जांच

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों से हुई पूछताछ में ऐसे दावे सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक कार, नकदी और कुछ आभूषण भी बरामद किए हैं।

जांच के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि मंदिर परिसर से चढ़ावे की रकम बाहर ले जाने में सुभाष और चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू की मदद ली जाती थी। पुलिस फिलहाल इन दावों का सत्यापन कर रही है और संबंधित लोगों की संभावित भूमिका की जांच में जुटी है। अभी तक इस संबंध में किसी अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं हुआ है।

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में कथित तौर पर कम मात्रा में रकम बाहर निकाली जाती थी ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में, जब यह तरीका लगातार चलता रहा, तो कथित रूप से रकम की मात्रा बढ़ा दी गई। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

जांच के दौरान साइबर सेल ने तीनों आरोपियों की लगभग एक वर्ष की मोबाइल चैट रिकवर की है। पुलिस का कहना है कि इन चैट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित चोरी की रकम कहां खर्च हुई और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।

बरामद आभूषणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये आभूषण बाजार से खरीदे गए थे या कथित तौर पर फर्जी रसीदों के माध्यम से प्राप्त किए गए थे। यदि फर्जी रसीदों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिलते हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

पुलिस अब इस मामले के संभावित मास्टरमाइंड की तलाश में भी जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कथित साजिश का संचालन टिन्नू और सुभाष कर रहे थे या वे किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर काम कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है।