उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को वक्फ संपत्तियों का मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में आ गया। प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर वक्फ बोर्डों की संपत्तियों को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं की जनपदवार एसआईटी (SIT) जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की। बैठक के दौरान उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
’70 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब’, मोहसिन रजा का दावा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मोहसिन रजा ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 1.27 लाख रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 2 लाख से अधिक बताई जाती थी। उनके अनुसार, इस आधार पर 70 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब होने का मामला सामने आता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा, बसपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान वक्फ बोर्डों का नियमित और प्रभावी ऑडिट नहीं कराया गया। इसकी वजह से बड़ी संख्या में संपत्तियों का पूरा लेखा-जोखा स्पष्ट नहीं हो पाया। उन्होंने शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
SIT जांच, विशेष ऑडिट और भौतिक सत्यापन की मांग
मोहसिन रजा ने कहा कि अब समय आ गया है कि वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक जिले में भौतिक सत्यापन, विशेष ऑडिट और जनपदवार SIT जांच शुरू करने का सुझाव दिया।
उन्होंने मांग की कि जांच के दायरे में अवैध कब्जे, फर्जी नामांतरण, अवैध लीज और अन्य कथित अनियमितताओं को भी शामिल किया जाए। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और कथित रूप से हड़पी गई संपत्तियों की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा उन्होंने ‘वक्फ बाय यूजर’ से जुड़े विवादों का समाधान करने, वक्फ संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने और उनका उपयोग जरूरतमंद लोगों के हित में सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने प्रदेश स्तर पर निगरानी समितियां गठित कर अभियान चलाने का सुझाव भी दिया।
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का किया समर्थन
बैठक के दौरान मोहसिन रजा ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता बढ़ाने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और सही उद्देश्य के लिए उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उनका कहना था कि यदि संपत्तियों का सही रिकॉर्ड और पारदर्शी प्रबंधन होगा तो उनका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया।
कई जिलों में अवैध कब्जे और व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों का जिक्र
मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री के सामने यह भी दावा किया कि लखनऊ, गाजियाबाद, सहारनपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, नोएडा, अमरोहा, बिजनौर, अलीगढ़, वाराणसी और आजमगढ़ समेत कई जिलों से वक्फ संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और उनके व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वक्फ संपत्तियों का मूल उद्देश्य प्रभावित न हो और उनका उपयोग जरूरतमंद लोगों के हित में सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति के अनुरूप इस मामले में शीघ्र और उच्चस्तरीय कार्रवाई करने की अपील की।



