जौहर यूनिवर्सिटी पर एक्शन को लेकर अखिलेश का BJP पर बड़ा हमला, छात्रों से बोले- ‘आपकी लड़ाई में हम पूरी तरह साथ’

जौहर यूनिवर्सिटी पर एक्शन को लेकर अखिलेश का BJP पर बड़ा हमला, छात्रों से बोले- ‘आपकी लड़ाई में हम पूरी तरह साथ’

उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूनिवर्सिटी के छात्रों और उनके अभिभावकों के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसका सबसे बड़ा असर उन छात्रों पर पड़ेगा, जो यहां पढ़ाई कर रहे हैं। अखिलेश ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी छात्रों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

छात्रों को लिखा खुला पत्र, ‘आप अकेले नहीं हैं’ का दिया संदेश

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना खुला पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मुहिम में पार्टी का हर कार्यकर्ता, समर्थक और नेता छात्रों के साथ खड़ा है। उनके मुताबिक, इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा नुकसान उन हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को हो सकता है, जिन्होंने बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ इस विश्वविद्यालय को चुना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि किसी भी कार्रवाई में छात्रों के भविष्य को सबसे पहले ध्यान में रखा जाना चाहिए।

‘अगर कागजी कमी है तो उसे दूर करें, छात्रों का भविष्य नहीं’

अपने पत्र में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी दस्तावेज या प्रक्रिया में कोई कमी है तो उसे नियमानुसार पूरा कराया जाए, लेकिन इसका खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे परिवार अपने बच्चों को महंगे निजी संस्थानों या विदेशों में पढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए किसी भी फैसले का असर सीधे उन छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा, जो उच्च शिक्षा के लिए इस संस्थान पर निर्भर हैं।

सपा प्रमुख ने शिक्षा संस्थानों को समाज के विकास का आधार बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।

‘शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए देश से समर्थन’ की अपील

अखिलेश यादव ने कहा कि हर विश्वविद्यालय एक ‘शिक्षा का मंदिर’ होता है और उसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने देशभर के लोगों से अपील की कि शिक्षा संस्थानों को बचाने की इस मुहिम में आगे आएं।

उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में हर वर्ग और समुदाय के छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई का असर केवल एक संस्था पर नहीं, बल्कि हजारों परिवारों पर पड़ सकता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां शिक्षा व्यवस्था के प्रति सकारात्मक नहीं हैं और शिक्षित समाज हमेशा सवाल पूछता है, जिसे सरकार पसंद नहीं करती।

भाजपा सरकार पर लगाए कई राजनीतिक आरोप

अपने बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो वे रोजगार और बेहतर अवसरों की मांग करेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि सरकार का ध्यान शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन पर कार्रवाई करने पर ज्यादा है।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य संस्थानों के मामलों में अलग रवैया अपनाया जा रहा है, जबकि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे छात्रों और उनके परिवारों के हितों के खिलाफ बताया और सरकार से इस मामले में पुनर्विचार करने की अपील की।