भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेली गई इस पारी के बाद उन्होंने बताया कि इस मैदान पर उतरते ही उन्हें विश्वास हो जाता है कि वह बड़ा स्कोर बनाएंगे। अपनी पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी के बाद वैभव ने यह उपलब्धि अपने माता-पिता, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित की, जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में साथ दिया।
‘हरारे का मैदान मुझे काफी पसंद है’
मैच के बाद BCCI से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारी खेलने से आत्मविश्वास काफी बढ़ता है।
उन्होंने कहा, “मुझे लग रहा था कि मैं अपने जोन में हूं और मैंने अपनी ताकत पर भरोसा किया। हरारे का मैदान मुझे काफी पसंद है। कुछ मैदान ऐसे होते हैं जो खिलाड़ियों को रास आते हैं। यहां उतरते ही मुझे महसूस होता है कि मैं रन बना सकता हूं। कोशिश यही रहती है कि जहां भी खेलूं, टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दूं।”
पहला अर्धशतक परिवार और कोच को किया समर्पित
वैभव ने अपने करियर के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक को अपने परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने कठिन और अच्छे दोनों दौर में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “मैं अपना पहला अर्धशतक अपने माता-पिता, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मेरे सफर में हमेशा मेरा साथ दिया।”
Just a teenager living the dream 🥹
🎥 In conversation with Vaibhav Sooryavanshi – The youngest-ever T20I half-centurion 🫡 – By @ameyatilak #TeamIndia | #ZIMvINDhttps://t.co/Y9APDmKCOX
— BCCI (@BCCI) July 24, 2026
18 गेंदों में अर्धशतक, बने रिकॉर्डधारी
जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने केवल 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। अपनी तूफानी पारी में उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के लगाए।
इस पारी के साथ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके अलावा, वह सबसे कम उम्र में सबसे तेज टी20I अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए।
इंग्लैंड दौरे की निराशा के बाद शानदार वापसी
वैभव सूर्यवंशी ने अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू इंग्लैंड दौरे पर किया था, लेकिन शुरुआती तीन मुकाबलों में उनका बल्ला नहीं चला। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने उन्हें दो बार शॉर्ट गेंदों पर आउट किया था, जिसके बाद उनकी तैयारी को लेकर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि, हरारे में खेली गई इस आक्रामक पारी ने उनकी प्रतिभा और क्षमता की मजबूत झलक दिखाई। अब टीम इंडिया को उम्मीद होगी कि वैभव आगामी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे।



