उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के 45 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रामपुर पहुंचा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के ध्वस्तीकरण आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
RDA के आदेश को रद्द करने की मांग
सपा प्रतिनिधिमंडल ने RDA द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर आपत्ति जताई। ज्ञापन सौंपने के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है और यदि भवनों पर कार्रवाई होती है तो हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्रों का धरना छठे दिन भी जारी
जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में छात्र-छात्राओं का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि RDA का आदेश उनके शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
सपा ने छात्रों को दिया समर्थन
प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
सपा का क्या है पक्ष?
समाजवादी पार्टी का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई शिक्षा के अधिकार और शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। पार्टी का दावा है कि यदि ध्वस्तीकरण किया गया तो बड़ी संख्या में छात्रों, विशेषकर आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होगी। वहीं, इस मामले में प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। मामले से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया जारी है।



