भारतीय सीमा के पास चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर दावा किया गया है कि चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश से सटे इलाकों के निकट स्थित एयरबेस पर अपने अत्याधुनिक J-20 स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिनजियांग के होतान एयरबेस पर 7 और तिब्बत के दमशुंग एयरबेस पर 4 J-20 विमान देखे गए हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और चीन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, होतान एयरबेस लद्दाख के लेह और भारतीय वायुसेना के रणनीतिक दौलत बेग ओल्डी (DBO) एयरस्ट्रिप के अपेक्षाकृत करीब स्थित है, जबकि दमशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के निकट माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये तैनाती नियमित परिचालन का हिस्सा है, तो यह ऊंचाई वाले इलाकों में चीन की वायुसेना की बढ़ती क्षमता का संकेत हो सकता है।
पूर्व फाइटर पायलट और रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि J-20 चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे रडार से बचने की क्षमता और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों के लिए जाना जाता है। विभिन्न रक्षा रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में J-20 के उत्पादन में तेजी लाई है और 2030 तक इनके बड़े बेड़े का लक्ष्य रखा है।
वहीं, भारत के पास फिलहाल राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान हैं। इसके अलावा स्वदेशी AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) परियोजना पर भी काम जारी है, जिसे भविष्य में भारतीय वायुसेना के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के रूप में देखा जा रहा है। सीमा पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच इस तरह की रिपोर्टों ने रणनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज कर दी है।



