उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके कमीशन में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए लाभांश को 90 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया। यानी अब कोटेदारों को प्रति कुंतल 35 रुपये अतिरिक्त मार्जिन मिलेगा। इसमें 10 रुपये केंद्र सरकार और 25 रुपये राज्य सरकार की ओर से जोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को एक और पत्र भेजा है, ताकि भविष्य में इसमें अतिरिक्त 25 रुपये की और बढ़ोतरी भी हो सके।
इस घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने कोटेदारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अब उनका काम सम्मान के साथ जुड़ा है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पहले जैसी स्थिति नहीं रही।
एक बटन दबाकर बढ़ाया कमीशन, आगे और बढ़ोतरी की उम्मीद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से बटन दबाकर पूरे प्रदेश के 78 हजार से ज्यादा कोटेदारों के लिए बढ़े हुए कमीशन की व्यवस्था लागू की।
उन्होंने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपये की यह वृद्धि कोटेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त 25 रुपये और बढ़ाने का अनुरोध किया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो कोटेदारों की आय में और बढ़ोतरी होगी।
मुख्यमंत्री ने उनसे अपील की कि वे ऐसा काम करें जिसमें सम्मान हो, क्योंकि सम्मान के साथ किया गया कार्य समाज और आने वाली पीढ़ियों पर सकारात्मक असर डालता है।
“पहले लूट कोई करता था, गाली कोटेदार खाते थे”
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राशन की आपूर्ति में गड़बड़ियों का खामियाजा कोटेदारों को भुगतना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि कई बार राशन समय पर नहीं पहुंचता था, लेकिन लोगों का गुस्सा उचित दर विक्रेताओं पर निकलता था। मुख्यमंत्री के मुताबिक उस दौर में भ्रष्टाचार की वजह से कोटेदारों की छवि भी प्रभावित हुई और लोगों के मन में उनके प्रति अविश्वास पैदा हो गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और वर्तमान व्यवस्था में कोटेदारों पर पहले जैसी उंगली नहीं उठाई जा सकती।
राशन व्यवस्था में बदलाव के दावे भी गिनाए
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि निराश्रित और दिव्यांग लाभार्थियों तक राशन घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
सरकार के अनुसार अब तक प्रदेश में:
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करीब 2 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
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1.53 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
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10 हजार राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया गया है।
कोटेदारों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?
कमीशन बढ़ने से उचित दर विक्रेताओं की आय में सीधा असर पड़ने की उम्मीद है। लंबे समय से कोटेदार मार्जिन बढ़ाने की मांग कर रहे थे और सरकार के इस फैसले को उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यदि केंद्र सरकार अतिरिक्त 25 रुपये की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो भविष्य में कोटेदारों को और अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है।


