उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल 24 और 25 अगस्त को यूपी के दौरे पर रहेगा। इस दौरान आयोग की नजर सिर्फ चुनावी मशीनरी पर नहीं होगी, बल्कि युवाओं और नए मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने पर भी खास जोर रहेगा। CEC पहले दिन छात्रों से संवाद करेंगे, जबकि दूसरे दिन करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO से सीधे उनके अनुभव और सुझाव जानेंगे।
Gen Z से सीधे संवाद की शुरुआत, छात्रों से होगी खास बातचीत
चुनाव आयोग के इस दौरे की शुरुआत 24 अगस्त से होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज पहुंचेंगे। यहां अवध ऑडिटोरियम में छात्रों के साथ इंटरैक्टिव सेशन रखा गया है।
इस बातचीत का उद्देश्य युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना और उनकी बात सीधे सुनना है। Gen Z का चुनावी प्रक्रिया से जुड़ाव आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ऐसे में आयोग का यह संवाद केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं की भागीदारी और उनके अनुभवों को समझने का माध्यम भी बनेगा।
इसके बाद CEC इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे।
20 जिलों के अधिकारी एक मंच पर, ELC 2.0 पर होगा फोकस
लखनऊ में ELC यानी Electoral Literacy Club और ECI-Net को लेकर एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें 20 जिलों के अधिकारी हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में डिप्टी डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, स्कूलों के डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर और मीडिया नोडल ऑफिसर शामिल होंगे। बातचीत का एक अहम हिस्सा ELC को नए स्वरूप यानी ‘ELC 2.0’ में विकसित करने की योजना होगी।
इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में Electoral Literacy Clubs को पूरे साल सक्रिय रखने और उन्हें डिजिटल माध्यमों से मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका सीधा मकसद युवाओं को मतदान, चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बेहतर जानकारी देना है।
500 BLO से सीधे बात करेंगे CEC, सामने आएगी जमीनी तस्वीर
दौरे का दूसरा दिन यानी 25 अगस्त और भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों से सीधे बातचीत करेंगे। इसमें लखनऊ और आसपास के जिलों में तैनात BLO शामिल होंगे।
BLO चुनावी प्रक्रिया की सबसे निचली लेकिन बेहद अहम कड़ी होते हैं। मतदाता सूची से जुड़े काम से लेकर बूथ स्तर पर मतदाताओं की समस्याओं तक, उनकी भूमिका सीधे जमीन से जुड़ी होती है। इसलिए आयोग इन अधिकारियों से केवल औपचारिक जानकारी लेने के बजाय उनके अनुभव और सुझाव समझने पर जोर देगा।
चर्चा का फोकस चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आम मतदाता के लिए आसान बनाने पर रहेगा। जमीनी स्तर पर आने वाली दिक्कतों की जानकारी सीधे BLO से मिलने पर आयोग को तैयारियों में जरूरी सुधार करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ के बाद मेरठ-वाराणसी पर भी नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर यह दौरा चुनाव आयोग की तैयारियों का अहम हिस्सा है। लखनऊ में क्षेत्रीय सम्मेलन के बाद मेरठ और वाराणसी में भी ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
पूरे कार्यक्रम को देखें तो आयोग एक साथ दो स्तरों पर काम करता नजर आ रहा है। एक तरफ युवाओं और संभावित नए मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ बूथ स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया जा रहा है।
आम मतदाता के लिए इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि चुनाव की तैयारियों का असर अंततः मतदाता सूची, मतदान केंद्र, सूचना व्यवस्था और मतदान के अनुभव पर पड़ता है। ऐसे में 2027 के चुनाव से काफी पहले शुरू की गई यह कवायद चुनावी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।



