अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान होते ही एक बात ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा—जिम्बाब्वे दौरे की टीम से 8 खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया। कुछ ही समय पहले पाकिस्तान ने भी इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद 7 खिलाड़ियों को टीम से हटाया था। ऐसे में पहली नजर में दोनों फैसले एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन टीम इंडिया के मामले में कहानी अलग है। यहां बदलाव किसी खिलाड़ी को सजा देने या घबराहट में किए गए फैसले का नतीजा नहीं हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है सीनियर खिलाड़ियों की वापसी।
अफगानिस्तान के खिलाफ टीम को मजबूत कॉम्बिनेशन के साथ मैदान में उतारने की तैयारी है। इसी वजह से जिम्बाब्वे दौरे पर मौका पाने वाले कई युवा और बैकअप खिलाड़ी इस बार 15 सदस्यीय स्क्वॉड में अपनी जगह नहीं बना सके।
जिम्बाब्वे दौरे के 8 खिलाड़ियों की छुट्टी, रिंकू का नाम सबसे चौंकाने वाला
जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम का हिस्सा रहे आठ खिलाड़ियों को अफगानिस्तान सीरीज के लिए बाहर रखा गया है। इनमें तेज गेंदबाज मयंक यादव, प्रिंस यादव, यश ठाकुर और अशोक शर्मा शामिल हैं।
ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को भी इस बार टीम में जगह नहीं मिली। विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह भी बाहर हैं। इनके अलावा रिंकू सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
रिंकू लंबे समय से भारतीय टी20 टीम के फिनिशर के तौर पर पहचाने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका स्क्वॉड से बाहर होना निश्चित तौर पर चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। हालांकि उपलब्ध टीम संयोजन को देखते हुए इस बदलाव की मुख्य वजह सीनियर खिलाड़ियों की वापसी है।
जसप्रीत बुमराह से वरुण चक्रवर्ती तक, सीनियरों की हुई वापसी
जिम्बाब्वे दौरे के समय कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया गया था। वहीं, कुछ खिलाड़ी चोट की वजह से उपलब्ध नहीं थे। अब अफगानिस्तान के खिलाफ भारत ने ज्यादा मजबूत टीम उतारने का फैसला किया है।
तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा की वापसी हुई है। इससे भारतीय पेस अटैक को काफी अनुभव मिलता है।
स्पिन विभाग में अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती मौजूद हैं। वरुण की वापसी खास तौर पर टीम के गेंदबाजी विकल्पों को मजबूत करती है।
इसके साथ ही संजू सैमसन, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी को भी टीम में वापस जगह मिली है। इन खिलाड़ियों की वापसी का सीधा असर टीम कॉम्बिनेशन पर पड़ा। जिम्बाब्वे में डेब्यू या बैकअप विकल्प के तौर पर शामिल किए गए खिलाड़ियों के लिए इस बार स्क्वॉड में जगह बनाना मुश्किल हो गया।
पाकिस्तान से तुलना क्यों हो रही है?
भारतीय टीम में हुए आठ बदलाव ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब पाकिस्तान ने भी इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद सात खिलाड़ियों को बाहर किया है। यही वजह है कि दोनों टीमों के चयन फैसलों की तुलना हो रही है।
लेकिन दोनों मामलों को एक जैसा देखना सही नहीं होगा। टीम इंडिया के मामले में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बदलाव का प्रमुख कारण सीनियर मैच-विनर्स की वापसी है। जिम्बाब्वे दौरे पर जिन युवा खिलाड़ियों को अवसर मिला था, उन्हें अब मजबूत और अनुभवी टीम के लिए जगह छोड़नी पड़ी है।
यानी टीम से बाहर होना जरूरी नहीं कि किसी खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन का सीधा संकेत हो। टी20 क्रिकेट में स्क्वॉड का संतुलन और उपलब्ध विकल्प भी चयन में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ कैसी होगी टीम इंडिया?
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की 15 सदस्यीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान हैं।
टीम में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाज भी हैं। विकेटकीपिंग के लिए संजू सैमसन और ईशान किशन विकल्प होंगे। ऑलराउंडर के तौर पर शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर मौजूद हैं।
स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई हैं। वहीं तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा संभालेंगे।
कुल मिलाकर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ अनुभव और युवा प्रतिभा का संतुलन बनाने की कोशिश की है। जिम्बाब्वे दौरे पर मिले मौके ने युवा खिलाड़ियों को अनुभव जरूर दिया, लेकिन सीनियर खिलाड़ियों की वापसी के बाद अंतिम 15 में जगह सीमित हो गई। अब असली परीक्षा मैदान पर होगी, जहां इस नए कॉम्बिनेशन के साथ भारत 13 सितंबर से टी20 सीरीज की शुरुआत करेगा।



