हनुमान अंश’ इन दिनों अपनी कहानी और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर चर्चा में है, लेकिन फिल्म के सेट से जुड़ा एक किस्सा अब लोगों का ध्यान खींच रहा है। फिल्म में नीम करोली बाबा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक एक्सक्लूसिव बातचीत में शूटिंग के दौरान आई मुश्किलों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, एक दिन सुबह 7 बजे की शिफ्ट शुरू होने के बाद करीब तीन घंटे तक कैमरा रोल नहीं हो पाया। सेट पर लगातार किसी न किसी तरह की परेशानी आ रही थी। इसके बाद निर्देशक ने पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने का सुझाव दिया। कलाकार के मुताबिक, पाठ पूरा होते-होते शूटिंग शुरू करने की तैयारी हो गई और परेशानियां भी खत्म होती चली गईं।
यह किस्सा फिल्म की टीम ने अपने अनुभव के तौर पर साझा किया है। इसे लेकर आस्था और फिल्म निर्माण से जुड़ी चर्चाएं जरूर तेज हो सकती हैं।
पहले दिन से ही आ रही थीं शूटिंग में अड़चनें
निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और शोभिनव सत्या ने दैनिक जागरण के साथ बातचीत में फिल्म के निर्माण के दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में बताया।
शोभिनव सत्या के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही कई तरह की परेशानियां सामने आ रही थीं। पहले दिन फिल्म के लीड एक्टर की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद जब शोभिनव सत्या अगले दिन सुबह 7 बजे की शिफ्ट के लिए सेट पर पहुंचे, तब भी शूटिंग सामान्य तरीके से शुरू नहीं हो सकी।
उनके अनुसार, करीब तीन घंटे तक कैमरा रोल नहीं हुआ। शूटिंग के दौरान भी अलग-अलग तरह की दिक्कतें सामने आती रहीं। ऐसे में टीम के सामने सवाल था कि आखिर काम कैसे आगे बढ़ाया जाए।
तभी निर्देशक ने पूजा करने और हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही।
हनुमान चालीसा पूरी हुई और टीम ने शुरू कर दी शूटिंग
शोभिनव सत्या ने बातचीत में बताया कि जब हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हुआ तो टीम के लोग भी आसपास आने लगे। पाठ खत्म होने तक माहौल बदल चुका था और लोगों ने शूटिंग शुरू करने की तैयारी कर ली।
अभिनेता के मुताबिक, हनुमान चालीसा पूरी होते-होते शूटिंग से जुड़ी परेशानियां अपने आप दूर होती चली गईं। इसके बाद टीम में यह बात एक तरह से आदत बन गई कि जब भी शूटिंग में कोई बड़ी दिक्कत आती, तो हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता।
यहां यह साफ करना जरूरी है कि ‘चमत्कार’ की बात फिल्म के कलाकार और निर्देशक अपने अनुभव के संदर्भ में बता रहे हैं। इसके पीछे किसी तकनीकी समस्या के वास्तविक कारण या उसके समाधान की स्वतंत्र पुष्टि इस बातचीत में नहीं दी गई है।
निर्देशक ने कहा- सिर्फ चमत्कार की बात नहीं, टीम की मेहनत भी अहम
इस पूरे अनुभव को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी याद किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान जब भी कोई परेशानी आती, टीम हनुमान चालीसा का पाठ करने लगी थी। उनके मुताबिक, इसके बाद काम आगे बढ़ जाता था।
हालांकि निर्देशक ने इस मौके पर अपनी टीम की मेहनत को भी बराबर महत्व दिया। उन्होंने कहा कि सेट पर कई लोग पर्दे के पीछे लगातार अपना काम कर रहे थे और उनका श्रेय नहीं छीना जाना चाहिए।
विशाल चतुर्वेदी ने खास तौर पर अपनी युवा प्रोडक्शन टीम की मेहनत का जिक्र किया। यानी फिल्म के निर्देशक के लिए यह अनुभव सिर्फ आस्था से जुड़ा किस्सा नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास की कहानी भी है।
बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत हुई ‘हनुमान अंश’
सेट से जुड़ा यह किस्सा ऐसे समय सामने आया है जब ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही थी। पहले वीकेंड में फिल्म ने करीब 60 लाख रुपये की कमाई की।
इसके बाद फिल्म की कमाई में लगातार सुधार हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 72.88 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। वहीं फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 85.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
फिल्म नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित है और जल्द ही इसकी वर्ल्डवाइड रिलीज की भी बात कही गई है।
ऐसे में ‘हनुमान अंश’ के सेट का यह किस्सा फिल्म की यात्रा का एक अलग पहलू सामने लाता है। एक तरफ टीम शूटिंग के दौरान आने वाली तकनीकी और दूसरी परेशानियों से जूझ रही थी, तो दूसरी तरफ कलाकार उस दौर को अपनी आस्था से जोड़कर याद कर रहे हैं। अब फिल्म की बढ़ती कमाई के बीच यह कहानी भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।


