वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों के लिए खाने से जुड़ी एक बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। देश की प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और भरोसेमंद भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ यानी NAFED भी संभालने जा रहा है। संस्था सीधे भोजन तैयार कर उसकी सप्लाई करेगी। इसके लिए हाईटेक Cloud Kitchen तैयार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, अगले साल की शुरुआत से कई वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाला भोजन सीधे NAFED की ओर से तैयार और सप्लाई किया जा सकता है।
NAFED ने क्यों उठाया यह कदम?
NAFED की हालिया बोर्ड बैठक में प्रीमियम ट्रेनों के फूड सप्लाई कारोबार में प्रवेश की रणनीति को औपचारिक मंजूरी मिल गई है। इसके बाद संस्था ने इस परियोजना पर काम तेज कर दिया है।
NAFED के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार के मुताबिक, बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद इस योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया है। इसका मकसद सिर्फ ट्रेन में खाना पहुंचाना नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर तरीके से सुनिश्चित करना भी है।
यात्रियों के लिए इसका मतलब यह होगा कि ट्रेन में मिलने वाले भोजन की तैयारी और सप्लाई के पीछे एक अलग संगठित व्यवस्था काम करेगी। हालांकि, किस-किस वंदे भारत ट्रेन में यह व्यवस्था पहले लागू होगी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
रोजाना 16 लाख मील्स का बड़ा बाजार
प्रीमियम ट्रेनों में खाने की सप्लाई का बाजार छोटा नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में IRCTC प्रीमियम और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलाकर रोजाना करीब 16 लाख मील्स यानी भोजन के पैकेट की आपूर्ति करती है।
अब NAFED इसी बड़े बाजार में अपनी जगह बनाने जा रहा है। इसके लिए अत्याधुनिक क्लाउड किचन तैयार किया जा रहा है। इस किचन में बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने और फिर उसे संबंधित ट्रेनों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
यह कदम NAFED के लिए भी एक नए कारोबारी क्षेत्र में विस्तार के तौर पर देखा जा सकता है। संस्था अब तक मुख्य रूप से कृषि और उससे जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में काम करती रही है। प्रीमियम ट्रेनों के लिए भोजन की सीधी आपूर्ति उसकी गतिविधियों के दायरे को आगे बढ़ाएगी।
यात्रियों के लिए क्या बदल सकता है?
ट्रेन में सफर के दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और भरोसेमंद सप्लाई यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। खासकर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में यात्रियों की अपेक्षाएं भी ज्यादा होती हैं।
NAFED की सीधी भूमिका आने से भोजन की तैयारी और सप्लाई के लिए एक नई व्यवस्था तैयार होगी। हाईटेक क्लाउड किचन इस पूरी योजना का अहम हिस्सा होगा। इससे बड़े पैमाने पर भोजन तैयार करने और उसे ट्रेनों तक पहुंचाने की क्षमता विकसित की जाएगी।
हालांकि, इस बदलाव का वास्तविक असर यात्रियों को तभी दिखाई देगा जब नई व्यवस्था लागू होगी। फिलहाल योजना के स्तर पर इतना स्पष्ट है कि NAFED ने इसे मंजूरी मिलने के बाद तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।
अगले साल से शुरू हो सकता है नया सिस्टम
योजना के अनुसार 2027 की शुरुआत से कई वंदे भारत ट्रेनों में NAFED की ओर से तैयार और सप्लाई किया गया भोजन यात्रियों को मिल सकता है। यानी आने वाले समय में प्रीमियम ट्रेनों के फूड सर्विस मॉडल में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है।
16 लाख मील्स प्रतिदिन के मौजूदा बाजार को देखते हुए NAFED के सामने बड़ा अवसर भी है और बड़ी जिम्मेदारी भी। उसे बड़े पैमाने पर भोजन तैयार करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर सप्लाई को भी बनाए रखना होगा। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो प्रीमियम ट्रेनों में भोजन की सप्लाई व्यवस्था में NAFED की भूमिका आगे और बढ़ सकती है।

