बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे और हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने साफ कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी बीमारी को लेकर फैलाई जा रही खबरों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद की ओर से उनकी तबीयत खराब होने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। साथ ही मायावती ने दावा किया कि आकाश अब भी अपने ससुर सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं।
मायावती ने ये बातें रविवार, 13 सितंबर को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं। इस दौरान उन्होंने आकाश आनंद विवाद के अलावा BSP के संगठन विस्तार, पंचायत सहायकों के प्रदर्शन और दिल्ली में चल रहे BRICS सम्मेलन समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
आकाश आनंद पर मायावती के गंभीर आरोप
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सुरक्षा में तैनात आलोक कुमार को आकाश आनंद का फोन आया था।
मायावती के मुताबिक आकाश ने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। साथ ही कथित तौर पर यह भी कहा कि यह बात सामने न आए कि उन्होंने उनकी सेहत के बारे में पूछा है।
मायावती ने लोगों और मीडिया से अपील की कि उनकी बीमारी को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल स्वस्थ हैं।
आकाश आनंद के बारे में मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि वह अभी भी अपने ससुर सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं। हालांकि उन्होंने यह संभावना भी जताई कि आकाश की नीयत गलत न हो, लेकिन उनके मुताबिक राजनीतिक फैसलों और गतिविधियों में सिद्धार्थ का प्रभाव अभी भी दिखाई देता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब मायावती और आकाश आनंद के बीच राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं और आकाश को BSP से निष्कासित किया जा चुका है।
BSP में संगठन को नए तरीके से तैयार करने की कवायद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने BSP के संगठन को लेकर भी कई अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि बहुजन समाज को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई थी।
उनके मुताबिक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव किए गए हैं और कामकाज को नए तरीके से व्यवस्थित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को एक सेक्टर में रखा गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों को दो अलग सेक्टरों में बांटकर संगठनात्मक गतिविधियां चलाने की योजना है।
मायावती ने बताया कि सेक्टर प्रभारी का पद खत्म कर दिया गया है। उनका कहना है कि पार्टी का लक्ष्य पूरे देश में अपना जनाधार मजबूत करना है और हाल में लिए गए संगठनात्मक फैसलों से BSP को फायदा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज से जुड़े जिस काम को अब तक अधूरा माना जाता रहा है, उसे तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। पार्टी के पदाधिकारी और प्रभारी लगातार संगठन की प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं।
मायावती के मुताबिक BSP के राष्ट्रीय महासचिव आनंद दिल्ली में संगठन से जुड़े कामकाज की जानकारी लेकर उनसे चर्चा करेंगे। केंद्रीय कार्यालय की गतिविधियों की निगरानी पर भी पार्टी का फोकस है।
पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार से अपील
मायावती ने लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
यह मुद्दा सीधे तौर पर उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जो पंचायत स्तर पर काम करते हैं। ऐसे में मायावती ने सरकार से उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही।
BRICS को लेकर मायावती ने जताई उम्मीद
दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन को लेकर भी मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अलग-अलग देशों के बीच सर्वसम्मति बनना अपने आप में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है। उनके मुताबिक यह सम्मेलन उम्मीद पैदा करने वाला है।
मायावती ने कहा कि अगर BRICS देशों के बीच किसी साझा मुद्रा यानी BRICS करेंसी की दिशा में आगे बढ़ने पर काम होता है, तो यह एक बड़ा घटनाक्रम होगा।
उन्होंने बैठक में फलस्तीन और पहलगाम जैसे मुद्दों पर चर्चा को भी सराहनीय बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि सम्मेलन से आखिरकार क्या ठोस नतीजे निकलकर सामने आते हैं, यह आने वाला समय बताएगा।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर भी मायावती ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच यह विवाद खत्म हो सकता है।
फिलहाल मायावती का ताजा बयान BSP के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच काफी महत्वपूर्ण है। एक तरफ उन्होंने आकाश आनंद पर अपनी बीमारी को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की बात कही है। अब नजर इस पर रहेगी कि आकाश आनंद की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है और BSP का नया संगठनात्मक ढांचा जमीन पर कितना असर दिखाता है।


