UPI पेमेंट में सबसे ज्यादा चिंता अक्सर दो चीजों को लेकर होती है—पैसे सही व्यक्ति तक पहुंचे या नहीं और कोई ट्रांजैक्शन संदिग्ध तो नहीं है। अब BHIM ऐप ने इन परेशानियों से निपटने के लिए MyUPI नाम का AI असिस्टेंट लॉन्च किया है। NPCI की सब्सिडियरी कंपनी NBSL ने 22 सितंबर को Global Fintech Fest 2026 में इसे पेश किया। इसका मकसद UPI से जुड़ी शिकायतों, पुराने ट्रांजैक्शन, ऑटोपे और पेमेंट सिक्योरिटी जैसी जरूरतों को एक जगह से संभालना है।
खास बात यह है कि इसके लिए यूजर को जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। सामान्य भाषा में अपनी समस्या बताकर जानकारी या मदद मांगी जा सकती है।
सिर्फ चैट नहीं, UPI की दिक्कतों का पूरा समाधान
MyUPI को एक AI आधारित असिस्टेंट के तौर पर डिजाइन किया गया है। यह फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, बंगाली और तमिल में 24 घंटे उपलब्ध है।
अगर किसी पुराने ट्रांजैक्शन की जानकारी चाहिए या पेमेंट से जुड़ी शिकायत दर्ज करनी है, तो यूजर सामान्य भाषा में अपनी बात लिख सकता है। यह सुविधा BHIM ऐप के Quick Actions सेक्शन में मिलेगी।
शिकायत दर्ज होने के बाद सिस्टम एक रेफरेंस नंबर भी देगा। इससे यूजर बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकेगा। यानी पेमेंट संबंधी समस्या के लिए अलग-अलग जगह जानकारी तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।
Pay Safe बताएगा पैसे भेजने से पहले सामने वाले का नाम
UPI फ्रॉड को लेकर बढ़ती चिंता के बीच MyUPI में Pay Safe फीचर भी जोड़ा गया है। इसका इस्तेमाल पेमेंट करने से पहले किया जा सकता है।
यूजर सामने वाले की UPI ID या QR कोड की जानकारी डालकर उसका वास्तविक नाम चेक कर सकता है। इससे पेमेंट से पहले यह पुष्टि करने में मदद मिलेगी कि पैसा किस व्यक्ति या संस्था के खाते में जा रहा है।
इसके साथ Safety Switch भी दिया गया है। अगर फोन चोरी हो जाए, बैंक अकाउंट से छेड़छाड़ का शक हो या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो यूजर अपने बैंक अकाउंट को ब्लॉक करने की कार्रवाई कर सकता है।
AI असिस्टेंट फ्रॉड के नए तरीकों से जुड़े अलर्ट देने में भी मदद करेगा।
AutoPay पर भी मिलेगा पूरा कंट्रोल
कई डिजिटल सर्विस में AutoPay या UPI Mandate सेट होने के बाद तय तारीख पर खाते से पैसे अपने आप कट जाते हैं। MyUPI यूजर को उसके सभी मौजूदा मैंडेट की जानकारी दिखाएगा।
यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से किसी AutoPay को रोक, दोबारा शुरू या स्थायी रूप से कैंसिल कर सकेगा। अगर कोई व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर पर UPI के जरिए पैसे रिसीव नहीं करना चाहता, तो नंबर को UPI से डी-लिंक करने का विकल्प भी दिया गया है।
एक और सुविधा Transaction Replay है। अगर कोई पुराना पेमेंट फेल हो गया था, तो उसे नए UPI PIN के साथ दोबारा प्रोसेस किया जा सकता है। यह सुविधा उस पेमेंट के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है जो पहले किसी दूसरे ऐप से किया गया हो।
AI मदद करेगा, लेकिन PIN के बिना पैसा नहीं जाएगा
MyUPI में AI का इस्तेमाल होने के बावजूद पेमेंट सिक्योरिटी को लेकर एक अहम बात साफ की गई है। कोई भी UPI पेमेंट बिना UPI PIN के पूरा नहीं होगा। यानी AI असिस्टेंट खुद से आपके खाते से पैसा ट्रांसफर नहीं करेगा।
NPCI BHIM Services Limited की MD और CEO ललिता नटराज के मुताबिक, MyUPI का उद्देश्य ग्राहकों को सही जानकारी देकर समय पर कार्रवाई करने में मदद करना है। कंपनी आगे इसमें और क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ने की तैयारी भी कर रही है।
कुल मिलाकर, MyUPI को UPI के रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली अलग-अलग समस्याओं के लिए एक सिंगल डिजिटल असिस्टेंट के तौर पर पेश किया गया है। ट्रांजैक्शन हिस्ट्री से लेकर शिकायत, AutoPay और सुरक्षा जांच तक कई काम अब BHIM ऐप के भीतर ही संभालने का विकल्प मिलेगा।


