नोएडा से AIIMS का सफर होगा आसान! बारापूला फेज-3 कॉरिडोर आज से खुलेगा, 60 मिनट की दूरी 20 मिनट में तय होने का दावा

नोएडा से AIIMS का सफर होगा आसान! बारापूला फेज-3 कॉरिडोर आज से खुलेगा, 60 मिनट की दूरी 20 मिनट में तय होने का दावा

नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए मंगलवार, 29 सितंबर का दिन अहम है। दिल्ली का बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हो चुका है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार फेज-1 से AIIMS तक करीब 9 किलोमीटर का रास्ता सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि जिस सफर में ट्रैफिक के कारण करीब एक घंटे तक लग जाते हैं, वह घटकर लगभग 15 से 20 मिनट रह सकता है।

करीब नौ साल की देरी के बाद तैयार हुए इस प्रोजेक्ट को दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर उन लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें रोजाना पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की तरफ सफर करना पड़ता है।

मयूर विहार से AIIMS तक नहीं रुकना पड़ेगा बार-बार

बारापूला फेज-3 का सबसे बड़ा मकसद पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क को ज्यादा सुगम बनाना है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को AIIMS से जोड़ने वाले सिग्नल-फ्री रूट का हिस्सा बनेगा।

अभी इस रूट पर कई जगह ट्रैफिक सिग्नल और जाम की वजह से सफर का समय बढ़ जाता है। खासकर व्यस्त समय में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद इस रूट पर रुकावट कम होने की उम्मीद है।

दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा के मुताबिक, कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटेगा और लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

इसका असर नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि मयूर विहार से दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाला कनेक्शन उनके लिए महत्वपूर्ण रूट है।

3.5 किलोमीटर का नया कॉरिडोर, बनेगा करीब 9 किमी का सिग्नल-फ्री रास्ता

बारापूला फेज-3 की लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर बताई गई है। यह सराय काले खां के पास मौजूदा बारापूला फ्लाईओवर से जुड़ेगा। दोनों हिस्सों के जुड़ने के बाद लगभग 9 किलोमीटर लंबा सीधा और सिग्नल-फ्री कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।

इसका मतलब सिर्फ एक नया फ्लाईओवर शुरू होना नहीं है। असल बदलाव पूरे रूट की कनेक्टिविटी में आएगा। मयूर विहार की तरफ से आने वाला ट्रैफिक सराय काले खां के रास्ते दक्षिण दिल्ली की ओर ज्यादा सुगमता से बढ़ सकेगा।

परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।

9 साल पहले मिली थी मंजूरी, अब जाकर पूरा हुआ प्रोजेक्ट

बारापूला फेज-3 को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी। निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था और शुरुआती योजना के मुताबिक इसे 2017 तक पूरा किया जाना था।

लेकिन परियोजना को कई अड़चनों का सामना करना पड़ा और तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हो सका। आखिरकार करीब नौ साल बाद यह कॉरिडोर तैयार हुआ है।

इतने लंबे इंतजार के बाद अब इसकी उपयोगिता पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी। किसी भी बड़े सड़क प्रोजेक्ट की असली परीक्षा उसके शुरू होने के बाद होती है—यानी ट्रैफिक कितना शिफ्ट होता है, सफर के समय में कितना बदलाव आता है और आसपास की सड़कों पर दबाव किस तरह बदलता है।

दो नए फ्लाईओवर और मुकरबा चौक अंडरपास भी एजेंडे में

बारापूला फेज-3 के उद्घाटन के अलावा मंगलवार को दिल्ली में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

दिए गए विवरण के मुताबिक, अमित शाह मोदी मिल से कालकाजी फ्लाईओवर और सावित्री सिनेमा हाफ फ्लाईओवर की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया जाएगा।

कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बारापूला फेज-3 के शुरू होने के बाद अब निगाह इस बात पर होगी कि पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली के बीच रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के समय में जमीन पर कितना बदलाव आता है। फिलहाल परियोजना से सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सिग्नल और जाम से जूझने वाले इस रूट पर सफर ज्यादा तेज और सुगम हो सके।