उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने दोनों उम्मीदवारों के नाम साफ कर दिए हैं। पार्टी ने प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों ने बुधवार, 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया। इनमें धनराज नथवानी का नाम खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि उनकी पहचान राजनीति से ज्यादा कॉरपोरेट जगत, क्रिकेट प्रशासन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
धनराज नथवानी का राज्यसभा उम्मीदवार बनना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह मौजूदा राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी परिमल नथवानी के बेटे हैं। अब तक उनकी सार्वजनिक पहचान मुख्य रूप से कारोबारी और खेल प्रशासन के क्षेत्र में रही है। ऐसे में समाजवादी पार्टी के टिकट पर उनका संसद की राजनीति में प्रवेश एक नया राजनीतिक अध्याय है।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में दाखिल हुआ नामांकन
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दोनों अधिकृत उम्मीदवारों के नामांकन की जानकारी दी। पार्टी के मुताबिक, प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कुल 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन पर राजनीतिक हलकों में स्वाभाविक रूप से नजर है। राम गोपाल यादव पार्टी के पुराने और प्रमुख नेताओं में शामिल हैं, जबकि धनराज नथवानी का राजनीतिक प्रोफाइल अपेक्षाकृत नया है।
उनका अब तक का करियर कॉरपोरेट क्षेत्र और खेल प्रशासन के इर्द-गिर्द रहा है। यही वजह है कि उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम सामने आने के बाद उनकी पृष्ठभूमि को लेकर चर्चा तेज हुई है।
कौन हैं धनराज नथवानी? रिलायंस से क्रिकेट तक रहा सफर
धनराज नथवानी का जन्म 5 फरवरी 1986 को हुआ। उन्होंने लंदन के Regents Business School से International Business की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने Corporate Law और Public Relations Management में MBA किया।
कॉरपोरेट क्षेत्र में उनका प्रमुख जुड़ाव रिलायंस समूह से रहा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक वह वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर हैं।
हालांकि उनकी प्रोफेशनल पहचान सिर्फ कॉरपोरेट जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रही। वह क्रिकेट प्रशासन, CSR और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। इसी वजह से उनका प्रोफाइल कारोबारी क्षेत्र के साथ खेल और सामाजिक क्षेत्र तक फैला हुआ दिखाई देता है।
उनके पिता परिमल नथवानी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और राज्यसभा सांसद हैं। यही पारिवारिक पृष्ठभूमि भी धनराज नथवानी की सार्वजनिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में भी संभाली बड़ी जिम्मेदारी
धनराज नथवानी का क्रिकेट प्रशासन से जुड़ाव भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। 2019 में उन्हें गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद नवंबर 2022 में उन्होंने GCA के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन देश के प्रमुख क्रिकेट संघों में शामिल है। अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान क्रिकेट से जुड़े बुनियादी ढांचे और खेल गतिविधियों से जुड़े कामों में उनकी भूमिका रही।
क्रिकेट प्रशासन में उनकी सक्रियता ने उन्हें कॉरपोरेट सर्किल से बाहर भी पहचान दिलाई। अब राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यही अनुभव उनके सार्वजनिक प्रोफाइल का अहम हिस्सा बन गया है।
CSR, पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी से भी जुड़ाव
धनराज नथवानी की गतिविधियां खेल और कारोबार के अलावा CSR, सामाजिक कार्य, वन्यजीव और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों तक भी रही हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल में द्वारका देवस्थान समिति से जुड़ी जिम्मेदारी का उल्लेख भी किया गया है।
इसके अलावा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार की 2023 की राजपत्र अधिसूचना में उन्हें अहमदाबाद में हंगरी का Honorary Consul नियुक्त किए जाने का उल्लेख है। उनका कांसुलर क्षेत्र गुजरात के साथ दमन एवं दीव तथा दादरा और नगर हवेली तक बताया गया है।
यानी राज्यसभा के लिए धनराज नथवानी का नाम केवल कारोबारी पृष्ठभूमि के आधार पर नहीं देखा जा रहा। उनके प्रोफाइल में कॉरपोरेट मैनेजमेंट, क्रिकेट प्रशासन, सामाजिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व से जुड़े अलग-अलग पहलू मौजूद हैं।
अब समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उनकी राजनीतिक भूमिका कैसी रहती है, यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल उनका नाम उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में पार्टी के दो उम्मीदवारों में शामिल है और नामांकन के साथ ही उनका राजनीतिक सफर एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है।


