उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीटों को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं होता, तो कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाती। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर आश्वस्त नहीं थे और अखिलेश यादव के भरोसे के बाद ही उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।
‘गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलता’
शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे और गठबंधन के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के समर्थन का कांग्रेस को सीधा फायदा मिला। उनके मुताबिक, जिन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में थे, वहां समाजवादी पार्टी के वोट पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में ट्रांसफर हुए।
उन्होंने दावा किया कि इसी रणनीति की वजह से कांग्रेस उत्तर प्रदेश में छह लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही। वहीं समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
पटेल ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक ताकत को देखते हुए कांग्रेस को समाजवादी पार्टी के साथ सहयोग की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों दलों की विधानसभा में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सीटों का बंटवारा भी उसी अनुपात में होना चाहिए।
राहुल गांधी को लेकर भी किया बड़ा दावा
शिवपाल पटेल का सबसे बड़ा दावा राहुल गांधी को लेकर है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर तैयार नहीं थे और अपनी सीट छोड़ने तक की स्थिति बन गई थी।
पटेल के मुताबिक, राहुल गांधी ने अमेठी के बजाय रायबरेली से चुनाव लड़ा। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और भरोसा दिलाया कि उन्हें समाजवादी पार्टी का पूरा समर्थन मिलेगा।
पटेल ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से चुनाव लड़ने के लिए कहा था और यह संकेत दिया था कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार उतार सकती है। उनके मुताबिक, इसके बाद राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए।
हालांकि, राहुल गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर शिवपाल पटेल द्वारा किए गए इन दावों पर खबर में कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
रायबरेली में SP के वोट कांग्रेस के पक्ष में जाने का दावा
शिवपाल पटेल ने कहा कि रायबरेली समेत उन सभी सीटों पर जहां कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गठबंधन के उम्मीदवार को वोट दिया।
उनका कहना है कि यही वोट ट्रांसफर कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण रहा। पटेल ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में जीत हासिल करना बेहद मुश्किल होता।
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में छह सीटें जीती थीं, जबकि समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी ताकत बनकर उभरी थी। यही चुनावी आंकड़े अब दोनों दलों के बीच भविष्य के सीट बंटवारे को लेकर बहस का आधार बन रहे हैं।
सीट शेयरिंग पर भी साफ संदेश
शिवपाल पटेल ने कांग्रेस को लेकर कहा कि पार्टी को अपनी मौजूदा राजनीतिक ताकत के हिसाब से सीटों की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास कांग्रेस की तुलना में काफी ज्यादा विधायक और सांसद हैं, इसलिए सीट बंटवारे में भी इसी स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस को 20 से 25 सीटों या अधिकतम 50 सीटों तक की मांग के दायरे में रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि पार्टी को अनावश्यक बयानबाजी के बजाय समाजवादी पार्टी के साथ सहयोग करना चाहिए।
उनके बयान से साफ है कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति के बीच सीट शेयरिंग आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकती है। एक तरफ कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने चुनावी प्रदर्शन के आधार पर गठबंधन में ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है।
आम मतदाता के लिए इसका सीधा असर चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन में दिखाई दे सकता है। किस सीट पर कौन सा दल चुनाव लड़ेगा और सहयोगी दल कितने वोट एक-दूसरे के पक्ष में ट्रांसफर कर पाएंगे, यही आने वाले चुनाव में गठबंधन की सफलता का बड़ा आधार बन सकता है।
