Ranji Trophy 2026-27: शिखर मोहन ने पहले ही मैच में ठोका शतक, पिछली 5 पारियों में चौथी बार 50+ स्कोर, अब 1000 रन पर नजर

Ranji Trophy 2026-27: शिखर मोहन ने पहले ही मैच में ठोका शतक, पिछली 5 पारियों में चौथी बार 50+ स्कोर, अब 1000 रन पर नजर

रणजी ट्रॉफी 2026-27 के नए सीजन में झारखंड के ओपनर शिखर मोहन ने अपने बल्ले से दमदार शुरुआत की है। केरल के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 157 गेंदों पर छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि शिखर ने अपनी पिछली पांच फर्स्ट क्लास पारियों में चौथी बार 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। लगातार बड़ी पारियां खेल रहे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दिखा दिया है कि वह लंबी इनिंग खेलने की क्षमता रखते हैं। अब उनकी नजर अपने फर्स्ट क्लास करियर में 1000 रन पूरे करने पर भी होगी।

केरल के खिलाफ शिखर मोहन की शानदार बल्लेबाजी, झारखंड को मिली मजबूत शुरुआत

रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में केरल के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड की टीम को शिखर मोहन ने अच्छी शुरुआत दिलाई। ओपनिंग करने उतरे शिखर शुरुआत से ही लय में नजर आए। उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की और मौका मिलने पर रन बनाने से भी परहेज नहीं किया।

शिखर ने पहले विकेट के लिए शरणदीप सिंह के साथ 87 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने झारखंड को शुरुआती झटके से बचाए रखा और टीम की पारी को मजबूत आधार दिया।

पहला विकेट गिरने के बाद भी शिखर की बल्लेबाजी पर असर नहीं पड़ा। उन्होंने उत्कर्ष सिंह के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। इस दौरान झारखंड ने एक विकेट के नुकसान पर ही 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया।

शिखर की पारी की अहमियत सिर्फ उनके व्यक्तिगत शतक तक सीमित नहीं रही। उनकी बल्लेबाजी ने झारखंड को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ने का मौका दिया। अब टीम की कोशिश इस मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की होगी।

157 गेंदों पर शतक, छक्के से पूरा किया खास मुकाम

शिखर मोहन ने अपना शतक 157वीं गेंद पर पूरा किया। जब वह 99 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उन्होंने छक्का लगाकर तीन अंकों का आंकड़ा छुआ। यह उनकी पारी का दूसरा छक्का था।

शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने 12 चौके और दो छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन देखने को मिला।

यह रणजी ट्रॉफी 2026-27 के सीजन में किसी भी बल्लेबाज का पहला शतक बताया गया है। इसके साथ ही शिखर ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का तीसरा शतक भी पूरा कर लिया।

शिखर का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अभी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना 11वां मैच ही खेल रहे हैं। इतने कम मैचों में लगातार बड़ी पारियां खेलना उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है।

पिछली 5 पारियों में चौथी बार 50 से ज्यादा रन

शिखर मोहन का शानदार प्रदर्शन केवल रणजी ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहा है। उनकी पिछली पांच फर्स्ट क्लास पारियों पर नजर डालें तो उन्होंने चार बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं।

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने 85 और 52 रन की पारियां खेली थीं। इसके बाद ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से जम्मू-कश्मीर के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 60 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से दो रन निकले।

अब केरल के खिलाफ शतक लगाकर उन्होंने अपनी अच्छी फॉर्म को नए घरेलू सीजन में भी जारी रखा है।

लगातार रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होता है। शिखर के मामले में भी यही नजर आ रहा है। वह अलग-अलग घरेलू टूर्नामेंट में रन बनाकर अपनी निरंतरता साबित कर रहे हैं।

अब 1000 फर्स्ट क्लास रन पूरे करने का मौका

शिखर मोहन ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में अब तक 10 मैचों की 16 पारियों में 812 रन बनाए थे। इस दौरान उनके नाम एक शतक और एक दोहरा शतक दर्ज था। केरल के खिलाफ लगाया गया शतक उनके करियर का तीसरा शतक है।

इस पारी के साथ उनके रन भी बढ़े हैं और वह 1000 रन के आंकड़े के करीब पहुंच रहे हैं। अगर वह केरल के खिलाफ अपनी पारी को और आगे बढ़ाते हैं, तो इस उपलब्धि तक पहुंचने का मौका मिल सकता है।

झारखंड के लिए भी शिखर की यह फॉर्म काफी अहम है। घरेलू क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने वाला ओपनर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल, शिखर मोहन ने नए रणजी सीजन की शुरुआत शतक के साथ करके अपनी दावेदारी मजबूत की है। अब देखना होगा कि वह इस लय को आगे भी बरकरार रख पाते हैं या नहीं। उनके प्रदर्शन पर घरेलू क्रिकेट के प्रशंसकों की नजर बनी रहेगी।