दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक निजी स्लीपर बस पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पथराव की घटना सामने आई है। बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कांच के टुकड़े लगने से एक बुजुर्ग यात्री घायल हो गया। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाराजगी जताते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक, मामला पार्किंग में रास्ता देने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। हालांकि, घटना के बाद कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
ढाबे की पार्किंग में कहासुनी, फिर बस पर फेंके पत्थर और ईंटें
पुलिस के मुताबिक, यह घटना शनिवार रात करीब 10:30 बजे की है। दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक निजी स्लीपर बस नीलोखेड़ी के बुटाना थाना क्षेत्र में स्थित ‘डिवाइन स्टार ढाबा’ पर रुकी थी। इसी दौरान पार्किंग में बस में सवार एक यात्री और कार में बैठे दो युवकों के बीच विवाद हो गया।
बताया जा रहा है कि कहासुनी की शुरुआत रास्ता देने को लेकर हुई थी। बहस बढ़ने के बाद कार सवार युवकों ने पास में पड़े पत्थरों और ईंटों से बस पर हमला कर दिया। इससे बस की कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। पीछे की लाइट को भी नुकसान पहुंचा और नंबर प्लेट मुड़ गई।
इस दौरान टूटे शीशे के टुकड़े लगने से बस में सवार एक बुजुर्ग यात्री घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, उसे मामूली चोट आई। बुटाना थाने के एसएचओ विपिन कुमार और जांच अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला पार्किंग विवाद से जुड़ा सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विवाद में शामिल लोगों ने शराब पी रखी थी।
घटना के बाद बस को हुए नुकसान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया। इसमें बस के टूटे शीशे और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई देने का दावा किया गया है।
उमर अब्दुल्ला ने CM सैनी से की बात, बोले- दोषियों को पकड़ें
घटना की जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार प्रभावित यात्रियों के साथ खड़ी है और पूरे मामले पर नजर रख रही है।
उमर अब्दुल्ला ने बताया कि उनके कार्यालय ने इस घटना को लेकर हरियाणा सरकार से संपर्क किया है। उनके मुताबिक, हरियाणा सरकार ने कानून के तहत जल्द और सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की मांग की। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला दो राज्यों के बीच प्रशासनिक समन्वय और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों के कारण चर्चा में आ गया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और मीरवाइज ने भी जताई चिंता
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने इस घटना को कथित तौर पर नफरत से प्रेरित हमला बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से श्रीनगर जा रही बस पर पत्थर और ईंटें फेंके जाने से उसमें सवार परिवारों में डर का माहौल पैदा हो गया। उन्होंने इसे निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वाली घटना बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं, मीरवाइज उमर फारूक ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कश्मीर जा रही बस पर हमले में एक बुजुर्ग यात्री घायल हुआ और बाकी यात्रियों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत वाहनों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों से जुड़ी खबरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अधिकारियों से कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।
हालांकि, पुलिस की शुरुआती जानकारी में घटना की वजह पार्किंग विवाद बताई गई है। इसे नफरत से प्रेरित हमला मानने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए घटना के पीछे की वजह तय करने के लिए जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल, अब पुलिस कार्रवाई पर नजर
इस घटना ने लंबी दूरी की बसों से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। खासकर रात में ढाबों और पार्किंग स्थलों पर रुकने के दौरान यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। किसी छोटी कहासुनी का हिंसक रूप लेना यात्रियों की जान और संपत्ति, दोनों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
फिलहाल, पुलिस के सामने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई करने की चुनौती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी प्रभावित यात्रियों के साथ खड़े रहने और मामले पर नजर रखने की बात कही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके और भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।


