गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में 10वीं और 12वीं की मेधावी छात्राओं को साइकिल बांटने का कार्यक्रम रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी की ओर से 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाली 1,000 छात्राओं को साइकिल दी जानी थी। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट भी लगाया गया था, लेकिन प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से टेंट हटवा दिया। आयोजकों का आरोप है कि कार्यक्रम को जबरन बंद कराया गया, जबकि प्रशासन की कार्रवाई के बाद वहां पहुंची छात्राओं को निराश होकर लौटना पड़ा। इस मामले पर सपा सांसद डिंपल यादव ने नाराजगी जताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। हालांकि, कार्यक्रम रोकने के प्रशासनिक कारणों पर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
लोनी में साइकिल वितरण कार्यक्रम पर रोक, मौके पर पहुंचीं छात्राएं
यह कार्यक्रम गाजियाबाद की लोनी विधानसभा क्षेत्र के गांव गढ़ी कट्टैया में प्रस्तावित था। समाजवादी पार्टी की ओर से यहां पीडीए सम्मान समारोह के साथ मेधावी छात्राओं को साइकिल बांटने की तैयारी की गई थी।
योजना के मुताबिक, 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली 1,000 छात्राओं को साइकिल दी जानी थी। कार्यक्रम के लिए टेंट लगाया गया था और आयोजन से जुड़ी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं।
लेकिन कार्यक्रम वाले दिन प्रशासन की कार्रवाई के बाद आयोजन नहीं हो सका। आयोजकों और स्थानीय छात्राओं का आरोप है कि प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल से टेंट हटवा दिया, जिसके चलते साइकिल वितरण समारोह रद्द करना पड़ा।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई पात्र छात्राएं पहुंची थीं। आयोजन रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम ने छात्राओं के लिए आयोजित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी पैदा कर दी।
आयोजक ने लगाया जबरन कार्यक्रम बंद कराने का आरोप
कार्यक्रम के आयोजक अनुज प्रधान ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनका कार्यक्रम जबरन बंद कराया। उनके मुताबिक, साइकिल वितरण की तैयारी पहले से की गई थी और छात्राओं को सम्मानित करने के लिए आयोजन रखा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, लोनी नगर पालिका प्रशासन ने आयोजक को 10.80 लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस भी जारी किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस नोटिस के पीछे बताए गए कारणों और प्रशासन के विस्तृत पक्ष का उल्लेख नहीं है।
इसलिए कार्यक्रम रद्द होने के मामले में आयोजकों के आरोप और प्रशासन की कार्रवाई को अलग-अलग समझना जरूरी है। टेंट हटाए जाने और कार्यक्रम नहीं हो पाने की घटना सामने आई है, लेकिन कार्रवाई के आधिकारिक आधार की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही विवाद की सभी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
फिलहाल, इस मामले का सबसे सीधा असर उन छात्राओं पर पड़ा, जो अच्छे अंक हासिल करने के बाद साइकिल मिलने की उम्मीद लेकर कार्यक्रम में पहुंची थीं।
डिंपल यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना, बोलीं- बेटियों के भविष्य पर राजनीति ठीक नहीं
कार्यक्रम रद्द होने के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में राजनीतिक कारणों से बुलडोजर चलवाकर टेंट हटवाना बेहद शर्मनाक है।
डिंपल यादव ने कहा कि छात्राओं को साइकिल देने का उद्देश्य उनके सपनों को आगे बढ़ाने और उनका हौसला बढ़ाने से जुड़ा था। उनके मुताबिक, बेटियों का सम्मान और उनका भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद से ऊपर होना चाहिए।
उनकी टिप्पणी के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। सपा ने इस कार्रवाई को छात्राओं के सम्मान से जोड़कर सवाल उठाए हैं। हालांकि, बीजेपी या प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
छात्राओं की पढ़ाई और आने-जाने में साइकिल की भूमिका क्यों अहम?
साइकिल वितरण कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं था। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में सहयोग देना भी हो सकता है। खासकर उन छात्राओं के लिए, जिन्हें स्कूल या कॉलेज आने-जाने में परेशानी होती है, साइकिल उपयोगी साधन बन सकती है।
हालांकि, इस विशेष कार्यक्रम में साइकिल मिलने से छात्राओं को कितना लाभ होता, इसका आकलन उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं किया जा सकता। इतना स्पष्ट है कि कार्यक्रम रद्द होने से जिन छात्राओं को साइकिल दी जानी थी, उन्हें फिलहाल इसका लाभ नहीं मिल पाया।
अब इस मामले में दो अहम सवाल हैं। पहला, प्रशासन ने कार्यक्रम रोकने और टेंट हटाने का फैसला किन आधारों पर लिया? दूसरा, क्या आयोजकों और प्रशासन के बीच ऐसा कोई रास्ता निकलेगा, जिससे पात्र छात्राओं तक साइकिल पहुंचाई जा सके?
फिलहाल, कार्यक्रम रद्द होने को लेकर आयोजकों के आरोप और डिंपल यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशासन का विस्तृत पक्ष और आगे की कार्रवाई सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।



