उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर हलचल तेज हो गई है। जिन लोगों का नाम अभी तक वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है, वे इसे जुड़वाने के लिए आगे आ रहे हैं। निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए गए दो विशेष अभियानों में महज दो दिनों के भीतर 5,59,178 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 17 अक्टूबर को 1,37,225 और 24 अक्टूबर को 4,21,953 लोगों ने फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने के लिए आवेदन किया। प्रदेश के करीब 1.77 लाख मतदान केंद्रों पर लगाए गए विशेष शिविरों में लोगों को नाम जुड़वाने और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। ऐसे में अगर आप भी उत्तर प्रदेश के मतदाता हैं, तो समय रहते अपना नाम और दर्ज विवरण जांच लेना जरूरी है।
दो दिन में 5.59 लाख आवेदन, दूसरे अभियान में तेजी से बढ़ी संख्या
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 17 अक्टूबर को आयोजित विशेष अभियान में 1,37,225 आवेदन जमा हुए थे। इसके बाद 24 अक्टूबर को आयोजित अभियान में यह संख्या बढ़कर 4,21,953 पहुंच गई।
इस तरह दोनों दिनों में कुल 5,59,178 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों के जरिए पात्र नागरिकों ने मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अभियान में लोगों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों को जोड़ने के उद्देश्य से विशेष शिविर लगाए गए थे, जिनमें लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
हालांकि, आवेदन जमा होना और मतदाता सूची में नाम दर्ज हो जाना दो अलग-अलग चरण हैं। आवेदनों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम जोड़ने की स्थिति स्पष्ट होगी।
सभी मतदान केंद्रों पर पहुंचे BLO, सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चला काम
विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO मौजूद रहे। अधिकारियों के मुताबिक, BLO सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शिविरों में बैठे और लोगों को मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी दी।
इन शिविरों में नागरिकों को बताया गया कि नया नाम जुड़वाने के लिए कौन-सा फॉर्म भरना है और मतदाता सूची में पहले से दर्ज जानकारी में गलती होने पर सुधार कैसे कराया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को पंजीकरण की प्रक्रिया समझाना और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना था। खासकर उन लोगों के लिए यह अभियान उपयोगी रहा, जिनका नाम किसी कारण से सूची में शामिल नहीं हो पाया था।
निर्वाचन विभाग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि प्राप्त आवेदनों का निपटारा तय समयसीमा के भीतर किया जाए, ताकि पात्र नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इन जिलों के अधिकारियों को मिली तारीफ, कई जिलों को और मेहनत के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अभियान के संचालन में बेहतर प्रयासों के लिए हाथरस, गाजीपुर, संभल, कौशांबी, मथुरा, अमेठी और बाराबंकी के जिला निर्वाचन अधिकारियों की सराहना की।
वहीं, गाजियाबाद, बुलंदशहर, वाराणसी, भदोही, प्रयागराज, हमीरपुर, अंबेडकरनगर, अमरोहा, मेरठ और गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण की दिशा में और प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन विभाग की प्राथमिकता अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ना है। इसके लिए आगामी विशेष अभियानों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने और प्राप्त आवेदनों पर समय पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है, क्योंकि चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। केवल वोटर आईडी कार्ड होना ही पर्याप्त नहीं है, मतदाता को अपना नाम संबंधित सूची में भी जांचना चाहिए।
वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें? फॉर्म-6 और फॉर्म-8 का रखें ध्यान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांच लें। अगर किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज नहीं है, तो वह नया पंजीकरण कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकता है।
वहीं, अगर मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य दर्ज विवरण में सुधार की जरूरत है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नागरिक मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ECINET ऐप पर उपलब्ध ‘बुक ए कॉल विद BLO’ सुविधा का इस्तेमाल करके अपने बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क करने के लिए कॉल बुक की जा सकती है।
आपके लिए जरूरी बात: अगर आपने फॉर्म-6 भर दिया है, तो केवल आवेदन जमा करने के आधार पर यह न मानें कि आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ चुका है। आवेदन की स्थिति और अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। समय रहते यह काम करने से चुनाव के दौरान होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।



