एक हजार साल में एक बार मनुष्यों में फैलता है चमगादड़ से कोरोना वायरस: ICMR

 

नई दिल्ली, एएनआई। कोरोना वायरस के संक्रमण से निजात पाने को लिये दुनिया भर में शोध चल रहे हैं। इसे लेकर तमाम थ्योरी सामने आ रही हैं। स्वास्थय मंत्रालय और इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने बुधवार को एक संयुक्त प्रेस कॉफेंन्स की। इस दौरान चमगादड़ से कोरोना वायरस फैलने के दावे पर चीन में हुये एक शोध का हवाला दिय़ा गया। आईसीएमआर के डॉक्टर रतन गंगाखेडकर ने बताया स्टडी के मुताबिक चमगादड़ से कोरोना वायरस मनुष्यों में नहीं आता। ये वायरस सिर्फ चमगादड़ में ही रहता है। उन्होंने कहा कि ये चमगादड़ से पैंगलिन में जा सकता है, और पैंगलिन से मनुष्यों में ट्रांसफर हुआ होगा। डॉक्टर गंगाखेडकर ने कहा कि चमगादड़ से मनुष्य में वायरस का आना बहुत ही दुर्लभ घटना है, ये एक हजार साल में कहीं एक बार होता है।

गंगाखेडकर ने कहा कि हमने भी अध्ययन किया और पाया कि दो प्रकार के चमगादड़ थे, जिनमें कोरोना वायरस पाया गया लेकिन वह मनुष्यों को प्रभावित करने में सक्षम नहीं था।

इस मौके पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश के जिलों को हॉटस्पॉट ​जिले, नॉन-हॉटस्पॉट जिले (जहां मामले सामने आ रहे हैं ) और ग्रीन जोन जिलों (जहां कोई मामला सामने नहीं आया है) में बांटा गया है। हॉटस्पॉट जिले वो हैं जहां ज्यादा मामले आ रहे हैं या मामलों की बढ़ने की गति तेज है। 170 जिले हॉटस्पॉट घोषित किए जाएंगे, नॉन-हॉटस्पॉट जिले 207 हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 1076 नए मामले सामने आए हैं।

इसके अलावा अग्रवाल ने जानकारी देते हुये कहा कि भारत में अब तक कोई सामुदायिक प्रसारण नहीं हुआ है, केवल कुछ स्थानीय प्रकोप हुए हैं। उन्होंने बताया कि विशेष दल नए कोविड-19 मामलों की खोज करेंगे और नमूने एकत्र किए जाएंगे। साथ ही नमूने के मानदंडों के अनुसार इसका परीक्षण किया जाएगा।