रामलला के बाद अब माता सीता के मंदिर की बारी, सुनिए गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा

रामलला के बाद अब माता सीता के मंदिर की बारी, सुनिए गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीतामढ़ी और मधुबनी में आज दो चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए बीजेपी उम्मीदवार के लिए वोट मांगे। गृहमंत्री ने विपक्ष के इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए सीतामढ़ी के लोगों से कहा कि हम बीजेपी वाले ‘वो’ वोट बैंक से नहीं डरते। पीएम मोदी ने अयोध्या में रामलला का मंदिर बना दिया है। अब जो काम बाकी है वह है माँ सीता की जन्मभूमि पर एक महान स्मारक, मंदिर बनाने का।

गृहमंत्नी कांग्रेस और आरजेडी पर बरसते हुए बोले जिन्होंने खुद को राम मंदिर से दूर रखा, वे माता सीता का स्मारक नहीं बना सकते। अगर कोई माँ सीता के जीवन के त्याग समर्पण और आदर्श के अनुरूप कोई स्मारक बना सकता है, तो वह नरेंद्र मोदी और बीजेपी बना सकती है। मैं आज आप लोगों को विश्वास दिलाता कि न केवल भारत, न केवल बिहार, न केवल पूर्वांचल, मिथिलांचल बल्कि सीतामढ़ी पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बने सीता माता का ऐसा भव्य मंदिर बनाने का काम करेंगे।

शाह ने कहा कि बाबर के काल में राम मंदिर को तोड़ा गया था। सीतामढ़ी वासियों आप मुझे बताओ राम मंदिर बनना चाहिए था या नहीं बनना चाहिए था? कांग्रेस, आरजेडी कई वर्षों तक राम मंदिर के मुद्दे पर रोड़े अटकाते रहे। मोदीजी को दूसरी बार पीएम बनाया गया, और केवल पांच साल में राम जन्मभूमि केस जीता गया, भूमि पूजन किया गया और 22 जनवरी को मंदिर की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ भी की गई।

अमित शाह ने कहा, जिस कांग्रेस पार्टी ने हमेशा पिछड़ों और अति पिछड़ों का विरोध किया, आज लालू यादव सत्ता की राजनीति के लिए, अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उस कांग्रेस पार्टी की गोद में जाकर बैठ गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मधुबनी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं लालू यादव से सवाल पूछना चाहता हूं कि आप बिहार में 15 साल मुख्यमंत्री और केंद्र में 10 साल मंत्री के पद पर रहे। आपने कर्पूरी ठाकुर को कभी भारत रत्न के सम्मान की बात नहीं की।