प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 149वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें मेरा शत-शत नमन। राष्ट्र की एकता और संप्रभुता की रक्षा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।”
राष्ट्रपति और गृह मंत्री का योगदान
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “देश का एकीकरण सुनिश्चित करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि! वे एक महान देशभक्त और अग्रणी राष्ट्र निर्माता थे। उनके आदर्शों से हमें राष्ट्र निर्माण के लिए अनवरत कार्य करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भी सरदार पटेल को याद किया। उन्होंने कहा, “देश की एकता और अखंडता के पर्याय, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी को उनकी जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन। साथ ही, सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं।” शाह ने सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत की सराहना की, जो उन्होंने भारत को एकता के सूत्र में पिरोने में की।
कांग्रेस नेता का श्रद्धांजलि संदेश
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “एक स्वतंत्र भारत को संपूर्ण राष्ट्र बनाने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर सादर श्रद्धांजलि। उनका व्यक्तित्व और विचार आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”
एकता दिवस का महत्व
हर साल 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती मनाई जाती है। उन्हें देश के भौगोलिक और राजनीतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए याद किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि बीजेपी सरकार ने 2014 में सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।
पटेल का योगदान
भारत की आजादी के बाद, सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकीकृत कर एक संगठित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि एक मजबूत राष्ट्र के लिए सभी राज्यों का एकीकरण आवश्यक है। उन्होंने किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया और समाज में समानता का संदेश फैलाया।