बिहार में बीजेपी के तीन दिन में तीन बड़े सियासी दांव: मोदी ने एजेंडा सेट किया, नड्डा ने दिया टास्क, अब नीतीश कैबिनेट के विस्तार से समीकरण साधे जाएंगे

दिल्ली में विधानसभा चुनाव की जीत के बाद बीजेपी ने अपना ध्यान पूरी तरह से बिहार पर केंद्रित कर दिया है। भले ही बिहार में विधानसभा चुनाव आठ महीने दूर हों, लेकिन बीजेपी ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। हाल ही में पार्टी ने तीन दिन में तीन बड़े फैसले किए हैं। पीएम मोदी ने भागलपुर रैली से चुनावी एजेंडा सेट किया, जेपी नड्डा ने पटना आकर पार्टी नेताओं को चुनावी टास्क दिया और अब नीतीश कैबिनेट के विस्तार से बीजेपी अपने सियासी समीकरण को साधने की कोशिश कर रही है।

कैबिनेट विस्तार से बढ़ेगा बीजेपी का दबदबा

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने नीतीश कैबिनेट के विस्तार को लेकर अपनी रणनीति तैयार की है। यह विस्तार बुधवार, 26 फरवरी को होने जा रहा है और इससे बीजेपी का असर नीतीश सरकार में और भी मजबूत होगा। बता दें कि पहले ही बीजेपी के पास 15 मंत्री थे और अब सात नए मंत्री बीजेपी कोटे से बनाए जा सकते हैं, जिससे बीजेपी का प्रभाव और भी बढ़ जाएगा। बिहार सरकार में कुल 37 मंत्री हो सकते हैं और इन सात नए मंत्रियों के बाद बीजेपी के पास 22 मंत्री होंगे, जबकि जेडीयू के पास सिर्फ 13 मंत्री रह जाएंगे।

इससे साफ है कि नीतीश कुमार की जेडीयू से ज्यादा बीजेपी के मंत्री होंगे और इससे पार्टी की स्थिति बिहार सरकार में और भी मजबूत हो जाएगी। बीजेपी का यह कदम आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश

बीजेपी का मानना है कि कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का खास ध्यान रखा जाएगा। दिलीप जायसवाल के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी जगह किसी वैश्य को मंत्री बनाया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी राजपूत, भूमिहार, दलित और ओबीसी जातियों से भी प्रतिनिधि मंत्री बना सकती है। माना जा रहा है कि इस विस्तार में एक राजपूत, एक भूमिहार, एक दलित, और तीन ओबीसी नेताओं को मंत्री पद मिल सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जिन नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है, उनमें कुशवाहा समाज से सुनील कुमार, अति पिछड़ी जाति से मोतीलाल प्रसाद, वैश्य समाज से संजय सरावगी, राजपूत समाज से राजू सिंह, भूमिहार से जीवेश मिश्रा और अति पिछड़ी जाति से विजय मंडल के नाम शामिल हैं।

पीएम मोदी ने बिहार के लिए चुनावी एजेंडा सेट किया

नीतीश कैबिनेट के विस्तार की रणनीति पहले ही पीएम मोदी ने भागलपुर रैली के दौरान सेट कर दी थी। पीएम मोदी ने रैली में नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की बात की। मोदी ने इस दौरान लालू परिवार और उनके शासन को निशाना बनाया और इसे जंगलराज बताया। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि आगामी बिहार चुनाव में बीजेपी का फोकस विकास और हिंदुत्व रहेगा। साथ ही मोदी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने बिहार को जंगलराज में बदला, उनके लिए अब बिहार का भविष्य बदला हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा, “जो लोग पशुओं का चारा खाते थे, वे आपकी हालात कभी नहीं बदल सकते। हम आपकी जिंदगी बदलने के लिए काम कर रहे हैं। जब ये कांग्रेस और आरजेडी वाले सत्ता में थे, तब खेती के लिए जो बजट था, हम उससे कहीं ज्यादा पैसे सीधे किसानों के खाते में भेज चुके हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के लंबे कुशासन ने बिहार को बदनाम किया, लेकिन अब बिहार का भविष्य उज्जवल होगा।

जेपी नड्डा ने दी पार्टी को दिशा

प्रधानमंत्री मोदी के सियासी एजेंडे को सेट करने के बाद, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी बिहार के पटना दौरे पर आकर पार्टी को चुनावी अभियान के लिए दिशा दी। नड्डा ने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और उन्हें 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए टास्क सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने बिहार सरकार में बीजेपी के सभी मंत्रियों से विभागों में चल रही योजनाओं की जानकारी ली। यह बैठक बीजेपी के अंदर की रणनीतियों को तेज करने के लिए आयोजित की गई थी, ताकि पार्टी चुनावी मैदान में पूरी ताकत से उतरे।

जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि “मिशन-2025” को हासिल करने के लिए हर बीजेपी नेता को जिम्मेदारी सौंपनी होगी। नड्डा की इस बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय और विजय चौधरी भी मौजूद थे। इन नेताओं के साथ बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि बीजेपी 2025 के चुनाव में किस एजेंडे के साथ उतरेगी और किस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी।

नड्डा की नीतीश से मुलाकात: मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ

जेपी नड्डा ने नीतीश कुमार से मुलाकात भी की और मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में विस्तार से चर्चा की। यह बैठक बीजेपी और जेडीयू के बीच आगामी सियासी समीकरणों को लेकर थी। माना जा रहा है कि नड्डा ने नीतीश कुमार के साथ बैठकर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर रणनीति पर विचार किया और अब बीजेपी नेताओं को आगामी चुनाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles