इजराइल ने गाजा पर अचानक से बम बरसाने शुरू कर दिए हैं. इन हमलों में अब तक 244 लोग मारे जा चुके हैं. इजराइल सरकार का कहना है कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि हमास उनकी शर्तें मानने को तैयार नहीं था. लेकिन टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक केस में अहम गवाही होनी थी. पिछली सुनवाई में नेतन्याहू जज पर ही भड़क गए थे, जिससे जज ने कड़ी नाराजगी जताई थी.
भ्रष्टाचार केस से बचने के लिए हमला? अगर नेतन्याहू इस केस में दोषी पाए जाते हैं तो उनकी कुर्सी भी जा सकती है. यही वजह है कि कुछ जानकार मानते हैं कि नेतन्याहू के लिए युद्ध छेड़ना एक राजनीतिक संकट से बचने का तरीका हो सकता है. पिछले कुछ महीनों से नेतन्याहू पर देशभर में भारी विरोध हो रहा है. गाजा युद्ध में बंधकों को छुड़ाने और हमास को खत्म करने में विफल रहने के चलते जनता का गुस्सा नेतन्याहू के खिलाफ बढ़ता जा रहा है.
गाजा पर बमबारी और केस की सुनवाई टली! रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को अचानक गाजा में इजराइल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए. यह वही दिन था जब भ्रष्टाचार केस में नेतन्याहू के खिलाफ एक महत्वपूर्ण गवाही होनी थी. दिलचस्प बात यह है कि इन हमलों के चलते केस की सुनवाई टाल दी गई.
हमले और सुनवाई में क्या संबंध? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभियोजकों और जजों ने बचाव पक्ष के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और केस की सुनवाई को टाल दिया गया. इसी समय, नेतन्याहू ने देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई. इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या यह हमला नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे केस को टालने की एक रणनीति थी?
क्या नेतन्याहू अपनी कुर्सी बचाने के लिए युद्ध का सहारा ले रहे हैं? समय-समय पर इजराइली राजनीति में यह आरोप लगता रहा है कि नेतन्याहू जब भी राजनीतिक संकट में घिरते हैं, तब युद्ध का सहारा लेते हैं. इससे पहले भी कई बार उनके ऊपर यह आरोप लग चुके हैं कि वह अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए सैन्य हमलों का इस्तेमाल करते हैं.
इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है. भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेतन्याहू के लिए गाजा में सैन्य कार्रवाई से लोगों का ध्यान भटकाना आसान हो सकता है. हालांकि, इजराइली सरकार इसे सुरक्षा का मुद्दा बताकर हमास के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कर रही है.