Waqf Amendment 2025: लोकसभा में मंगलवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया, जिसे लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को “बुलडोज” करने जैसा बताया। उन्होंने सदन में प्रस्तुत किए गए संशोधनों पर भी सवाल खड़े किए। वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
लोकसभा स्पीकर ने दिया स्पष्टीकरण
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सरकारी और गैर-सरकारी दोनों संशोधनों को समान रूप से समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है और विधेयक पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चर्चा की जा रही है।
‘विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है विपक्ष’
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड का कार्य वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करना नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25(1) का हवाला देते हुए कहा कि सरकार किसी भी धार्मिक गतिविधि में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
उन्होंने जोर देकर कहा, “इस विधेयक का किसी मस्जिद या मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा मामला है।” उनके इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
“मुसलमानों के अधिकार में गैर-मुसलमान कैसे आ रहे?”
लोकसभा में चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2013 में जब चुनाव नजदीक थे और आचार संहिता लागू होने वाली थी, तब यूपीए सरकार ने 5 मार्च 2014 को दिल्ली वक्फ बोर्ड को 123 प्राइम प्रॉपर्टी ट्रांसफर कर दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिला, क्योंकि जनता अब बहुत समझदार हो चुकी है। इसी कारण इस कानून में संशोधन की जरूरत पड़ी।
“यह विधेयक मस्जिदों से जुड़ा नहीं है”
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर है। इसमें कुछ प्रावधान तय किए गए हैं, जिनके अनुसार वक्फ मामलों की देखरेख वही व्यक्ति कर सकता है जिसने कम से कम 5 साल की प्रैक्टिस की हो। उन्होंने कहा, “शिया, सुन्नी, पिछड़ी जातियों के लोग और महिलाएं सभी इसमें शामिल रह सकते हैं।”
“गरीब मुसलमानों के लिए क्यों नहीं हुआ उपयोग?”
रिजिजू ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में दुनिया की सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां हैं, फिर भी आज तक गरीब मुसलमानों के लिए इनका सही उपयोग क्यों नहीं किया गया? उन्होंने विधेयक का विरोध कर रहे दलों से पूछा कि अगर इतनी वक्फ संपत्ति है तो उसका सही इस्तेमाल गरीब मुसलमानों के हित में क्यों नहीं हो रहा?