Premanand Maharaj: जीवन और मृत्यु दोनों इस संसार के बहुत बड़े सत्य हैं. जीवन और मृत्यु सत्य होने के साथ-साथ एक ऐसे रहस्य भी हैं, जिन्हें आज तक कोई समझ नहीं पाया है. हर व्यक्ति अपने प्रियजनों से जुड़ा रहता है. ऐसे में मन में ये सवाल अवश्य आता है कि क्या मृत्यु के बाद भी संबंध शेष रहता है? क्या आत्मा को अपना परिवार, अपनी पहचान और भावनाए याद रहती हैं.
इसी तरह का सवाल एक महिला ने प्रेमानंद महाराज से पूछा. उसने महाराज जी से पूछा कि क्या मरने के बाद परिवार वालों से रिश्ता रहता है या एकदम टूट जाता है? प्रेमानंद महाराज ने इस प्रश्न का सरल उत्तर देते हुए बताया कि मृत्यु सभी संबंधों को तोड़ देती है. मृत्यु वो स्थिति है, जो गहरी नींद से भी अधिक विस्मरण कराने वाली होती है. गहरी नींद में व्यक्ति को कुछ याद नहीं रहता.



