देशभर में लंबी चोंच वाले गिद्ध की आबादी लगभग समाप्त होने के कारण पर है. इसके पीछे का कारण मवेशियों को दी जाने वाली कुछ नॉन- स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं का इस्तेमाल है. बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी ने बताया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में इन दवाओं का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है. यह दवाइंयां गिद्धों के लिए जहरीली हैं.
लंबी चोंच वाले गिद्ध जिन्हें जटायु के नाम से भी जाना जाता है. आज देश में इनकी 99 प्रतिशत आबादी खत्म हो चुकी है. इनको बचाने के लिए हानिकारण दवाओं के इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई थी.



