अजित पवार की आकस्मिक मौत और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का तीन दिनों के अंदर उपमुख्यमंत्री बनना दोनों एनसीपी के विलय की संभावना पर ब्रेक लगा रहा है, क्योंकि जिस तरह से आनन-फानन में सुनेत्रा पवार को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया और फिर उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद की शपथ दिलाई गई और शरद पवार के जैसे बयान आए, उन सभी से साफ है कि फिलहाल दोनों गुटों के बीच विलय की संभावना पर विराम लगने का संकेत दे रहा है.
खुद शरद पवार ने भी इस बात को स्वीकार किया है. शनिवार को शरद पवार ने माना कि दोनों गुटों को फिर से एक करने के लिए महीनों से बातचीत चल रही थी, जिसमें अजित पवार और जयंत पाटिल इस प्रोसेस को लीड कर रहे थे.



