देश का आम बजट आज पेश होने जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं. सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में दशकों से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक ‘बही-खाता’ का अनुकरण किया था. पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया जाएगा. इस बार के बजट से मिडिल क्लास, किसानों से लेकर स्टॉक मार्केट निवेशक तक खास उम्मीद लगाए बैठे हैं.
ग्रोथ और खर्च
- सरकार खर्च बढ़ाएगी, खासकर इंफ्रा, सड़क, रेलवे, डिफेंस पर
- कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी सरकारी निवेश बजट की रीढ़ रहेगा
- PSU और सरकारी प्रोजेक्ट्स से नौकरी और रोजगार को सपोर्ट
घाटा और फाइनेंस का बैलेंस
- सरकार खर्च तो करेगी, लेकिन घाटा काबू में रखने की कोशिश होगी
- राजकोषीय घाटा करीब 4-4.5% के दायरे में रखने की कोशिश
- बहुत बड़े, चौंकाने वाले फैसले नहीं, लाइन पर चलने वाला बजट
मिडिल क्लास का ख्याल
- मिडिल क्लास और सैलरी वालों को थोड़ी-बहुत टैक्स राहत मिल सकती है
- टैक्स स्लैब या स्टैंडर्ड डिडक्शन में हल्का बदलाव संभव
- इस बार बड़े टैक्स कट की उम्मीद नहीं
सीनियर सिटिजन और सोशल सेक्टर
- बुजुर्गों के लिए टैक्स, पेंशन या हेल्थ से जुड़ी राहत
- आदिवासी इलाकों, बच्चों और महिलाओं के लिए टारगेटेड योजनाएं
- बड़े फ्रीबीज नहीं, टारगेटेड ऐलान
फोकस वाले सेक्टर
- EV, ऑटो और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
- रिन्यूएबल, न्यूक्लियर और पावर सेक्टर पर जोर
- डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिनटेक जैसे सेक्टर से जुड़े बड़े ऐलान संभव
शेयर बाजार और निवेशक
- बजट बाजार को डराने वाला नहीं होगा
- कैपिटल गेन, म्यूचुअल फंड पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद
- सेंटीमेंट पॉजिटिव रखने की उम्मीद, बहुत ज्यादा उथल-पुथल नहीं



