शिवसेना के मुखपत्र सामना में अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को बेहद घटिया राजनीति करार दिया है और सूतक के दौरान सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर भी सवाल उठाया है. सामना के सोमवार को संपादकीय में लिखा गया कि महाराष्ट्र में अजित पवार के निधन के सदमे से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक रणनीतियों ने राज्य को दूसरा झटका दे दिया. अजित पवार की चिता की आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि सुनेत्रा अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.
इस घटनाक्रम पर महाराष्ट्र में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने इसे इस रूप में देखा कि राज्य को पहली महिला उपमुख्यमंत्री मिली है, लेकिन यह भी साफ कहा गया कि यह पद किसी राजनीतिक कर्तृत्व या क्षमता के आधार पर नहीं मिला. ऐसे में यह सवाल पूरे महाराष्ट्र के सामने है कि यह फैसला आखिर किसकी इच्छा से और किस दबाव में हुआ.



