टैरिफ विवाद में भारत का सख्त संदेश: NSA अजित डोभाल ने रुबियो से कहा था—ट्रंप से नहीं डरता भारत

टैरिफ विवाद में भारत का सख्त संदेश: NSA अजित डोभाल ने रुबियो से कहा था—ट्रंप से नहीं डरता भारत

टैरिफ डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बना तनाव अब लगभग खत्म हो चुका है. हालांकि इस डील को लेकर कुछ समय पहले विवाद चरम पर पहुंच गया था. रिश्तों में तल्खी तक आ गई थी. दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर चरम पर पहुंच गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो को खरी-खरी सुना दी थी.

ब्लमूबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेड डील से कुछ महीने पहले NSA अजीत डोभाल ने वाशिंगटन दौरे के दौरान रुबियो से दो-टूक कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से भारत डरने वाला नहीं है. उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ विवाद पर नहीं मानते हैं तो हम उनका कार्यकाल खत्म होने का इंतजार करेंगे.

भारत किसी के दबाव में नहीं आएगाः NSA

डोभाल ने मार्को रुबियो से कहा था कि वह दोनों देशों के बीच की कड़वाहट को पीछे छोड़कर ट्रेड डील पर फिर से बातचीत शुरू करना चाहते हैं. लेकिन भारत राष्ट्रपति ट्रंप और उनके शीर्ष स्तर के सहयोगियों के दबाव में नहीं आएगा.

ब्लूमबर्ग के अनुसार, डोभाल ने रुबियो से यह भी कहा कि भारत ट्रेड डील को लेकर ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को भी तैयार रहेगा, लेकिन यह भी चाहता है कि अमेरिकी प्रशासन अपनी सार्वजनिक आलोचना कम करे ताकि संबंधों को फिर से पटरी पर लाया जा सके.

सितंबर में हुई थी NSA-रुबियो की बैठक

माना जा रहा है कि यह बैठक कथित तौर पर सितंबर की शुरुआत में हुई थी, और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के तुरंत बाद हुई थी.

अब, डोभाल और रुबियो की उस बैठक के कई महीने बाद, ट्रंप ने कम टैरिफ और बढ़े हुए मार्केट एक्सेस के साथ एक नए ट्रेड डील का ऐलान किया है. भारत की ओर से इस समझौते के टैरिफ कटौती वाले हिस्से की पुष्टि की गई है.

डील पर पीएम मोदी बोले- फायदा होगा

लेकिन पीएम मोदी की ओर से किए गए पोस्ट ने टैरिफ में राहत की पुष्टि तो की, लेकिन इसमें साफ तौर से ट्रेड डील या रूसी तेल खरीद से संबंधित किसी तरह की प्रतिबद्धताओं या अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ का जिक्र नहीं किया गया.

पीएम मोदी ने इस डील के लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में, कहा, जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी फायदे के सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं.

इसी तरह केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस डील को विन-विन डील करार दिया जिससे दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को फायदा होगा.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर पहुंच गए हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि यूएस टैरिफ कम किए जाएंगे, और यह भी दावा किया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इसके बाद पीएम मोदी ने भी इस घोषणा का स्वागत किया, और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी कम करने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया.