बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर बुधवार (25 फरवरी) को इनकम टैक्स का छापा पड़ा. विधायक के कई शहरों में आवास और अन्य ठिकानों पर की छापामारी की गई. वहीं अब इस मामले पर बीएसपी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है. उन्होंने कार्रवाई की निंदा की है.
उन्होंने कहा कि विधायक उमाशंकर सिंह के खिलाफ कभी भी अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की शिकायत नहीं आई है. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स की ये कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है.
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि बीएसपी के विधायक उमाशंकर सिंह जबसे बीएसपी में आए हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है. उन्होंने कहा कि आज तक विधायक के क्षेत्र से उनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है.
‘ठीक होने के बाद उनसे पूछताछ कर सकते थे’
इसके आगे बसपा प्रमुख ने कहा कि पिछले लगभग दो सालों से विधायक उमाशंकर सिंह काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहें हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को उनके संबंध में कोई शिकायत मिली थी तो वो उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उनके ठीक हो जाने के बाद उनसे पूछताछ कर सकते थे.
मायावती ने इनकम टैक्स की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम कोई इस विभाग के कार्य में दखल नहीं दे रहें, लेकिन आज जिस तरह से उन पर गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गई है वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के खिलाफ है.
योगी सरकार के मंत्री ने भी उठाए सवाल
वहीं मायावती से पहले योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी आयकर विभाग की रेड पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह काफी समय से बीमार हैं, जिसने भी छापेमारी करवाई है, उसने गलत किया है. उमाशंकर दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं.
दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया एक पोस्ट करते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह विधायक रसड़ा, जिनके घर में मेरी बेटी ब्याही है, उनके घर में आज आयकर विभाग द्वारा रेड की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश प्रदेश के राजनेता आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो साल से अधिक समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उमाशंकर सिंह के लिए धनार्जन नहीं सांसे बचाने में ही सारा समय और धन व्यय हो रहा है. सभी व्यवसाय लगभग बंद हो गए हैं. आज वो अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं.
उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है लेकिन एक घंटे के लिए भी नहीं जा सके. इस समय उनके घर पर नर्स या डॉक्टर को भी जाने की अनुमति नहीं है. अगर उनके जीवन को कोई हानि होती है तो इसके लिए ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी माननीय न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोषमुक्त कर देते हैं. मगर, इस कठिन दौर में भी कौन संवेदनहीन राजनेता या संस्था हो सकती है जो पीड़ा देने की सोच सकता है. प्रभु ऐसे लोगों और संस्थाओं को सदबुद्धि दें.
विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर छापेमारी
दरअसल विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर इनकम टैक्स ने आज छापेमारी की. लखनऊ, बलिया और सोनभद्र में करीब दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने ये छापेमारी की.इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने हर वित्तीय लेन-देन की छानबीन की. उमाशंकर सिंह की पत्नी और बेटे की कंपनी की संपत्ति भी जांच के दायरे में है.



