केरल का नाम बदलकर केरलम करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लिए गए इस निर्णय को जहां सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं इसे एक बड़ा राजनीतिक दांव भी माना जा रहा है. इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बंगाल का नाम बांग्ला करने का प्रस्ताव वर्षों से लंबित है, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई.
केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के तहत केरल का आधिकारिक नाम केरलम करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. हालांकि, इसे लागू करने में समय लगेगा क्योंकि इसके लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी. राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जहां क्षेत्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान को साधने की कोशिश हो रही है.



