सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (NIC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) को एक आपराधिक मामले में आरोपी बनाया जाए. कंपनी पर आरोप है कि मोटर दुर्घटना से जुड़े मामले में एक फेक इंश्योरेंस पॉलिसी पर भरोसा किया गया था. साथ ही कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया.
जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कल गुरुवार को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की आलोचना करते हुए कहा कि इंश्योरेंस पॉलिसी के फेक होने के बाद भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया. कोर्ट ने कंपनी की इस निष्क्रियता को ‘जिम्मेदारी की घोर कमी’ भी करार दिया.


